
विदेश मंत्री जयशंकर के बयान से बौखलाया पाकिस्तान, भारत पर लगाए झूठे आरोप
AajTak
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा है कि जयशंकर का ये कहना बताने के लिए काफी है कि भारत के नेता हर बार आतंकवाद को लेकर दुनिया को पाकिस्तान के खिलाफ गुमराह करने का काम करते हैं. इस तरह के बयान पूरी तरह गैर जिम्मेदाराना है और हम इसकी निंदा करते हैं.
भारत और पाकिस्तान के बीच में एक बार फिर तनातनी बढ़ गई है. सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुजरात में कहा था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद में एक्सपर्ट है. उसके अलावा कोई दूसरा ऐसा देश नहीं है जिसने आतंकवाद का खुलकर समर्थन किया हो. अब जयशंकर के बयान से पाकिस्तान तिलमिला गया है. हमेशा की तरह उसने फिर बौखलाहट में भारत को लेकर ही झूठे दावे कर दिए हैं, दुनिया को गुमराह करने का काम किया है.
पाकिस्तान को क्यों लगी मिर्ची?
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा है कि जयशंकर का ये कहना बताने के लिए काफी है कि भारत के नेता हर बार आतंकवाद को लेकर दुनिया को पाकिस्तान के खिलाफ गुमराह करने का काम करते हैं. इस तरह के बयान पूरी तरह गैर जिम्मेदाराना है और हम इसकी निंदा करते हैं. पाकिस्तान ने यहां तक दावा कर दिया कि भारत ही अपनी धरती से आतंकवाद का समर्थन करता है और उनके खिलाफ भी साजिश रचता है.
जयशंकर ने क्या कहा था?
अब जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया था. उन्होंने कहा था कि एक तरफ भारत को दुनिया IT में एक्सपर्ट मानती है तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान भी अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद में एक्सपर्ट बन चुका है. तल्ख अंदाज में जयशंकर ने बोला था कि कोई दूसरा देश आतंकवाद का ऐसा समर्थन नहीं करता, जिस तरह से पाकिस्तान किया करता है. हर कोई जानता है कि पाकिस्तान ने कैसे हर बार भारत के खिलाफ साजिश की है. 26/11 हमले के बाद खुद हमे ये समझने की जरूरत है कि ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता है. अगर कोई ऐसा करेगा तो उसे अंजाम भुगतने के लिए भी तैयार रहना होगा.
पाकिस्तान को हर बार मुंहतोड़ जवाब

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.









