
लॉटरी जीतने का लालच देकर यूं चूना लगा रहे हैं ठग, पुलिस ने Google और Meta को भेजा नोटिस
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केरल पुलिस ने गूगल को अपने प्ले स्टोर से ऐसे ऐप हटाने के लिए नोटिस जारी किया है, जो ऑनलाइन फर्जी लॉटरी बेच रहे हैं. राज्य पुलिस मीडिया सेंटर (एसपीएमसी) ने बुधवार को कहा कि मेटा को भी इसी तरह का नोटिस जारी किया गया है.
केरल पुलिस ने गूगल को अपने प्ले स्टोर से ऐसे ऐप हटाने के लिए नोटिस जारी किया है, जो ऑनलाइन फर्जी लॉटरी बेच रहे हैं. राज्य पुलिस मीडिया सेंटर (एसपीएमसी) ने बुधवार को कहा कि मेटा को भी इसी तरह का नोटिस जारी किया गया है. उनसे कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम से ऐसे फर्जी लॉटरी के विज्ञापन हटाए जाएं, जो कि प्रतिबंधित हैं.
एसपीएमसी ने कहा है कि साइबर पेट्रोलिंग में पता चला कि 60 फर्जी लॉटरी ऐप, 25 फर्जी फेसबुक प्रोफाइल और 20 वेबसाइट ऑनलाइन घोटाले से जुड़ी हैं. इस धोखाधड़ी के पीछे जो लोग हैं उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 'केरल मेगामिलियन लॉटरी' और 'केरल समर सीजन धमाका' के नाम से फर्जी विज्ञापन कुछ समय से व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर प्रसारित हो रहे हैं.
इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा संचालित लॉटरी ऑनलाइन खरीदी जा सकती है. लोगों को उनके फोन पर यह संदेश भी मिलता है कि केरल सरकार ने ऑनलाइन लॉटरी शुरू की है और 40 रुपये खर्च करने पर 12 करोड़ रुपए तक जीतने का मौका है. जब कोई व्यक्ति संदेश में दिए गए नंबर पर 40 रुपए भेजता है, तो उसे व्हाट्सएप पर नकली लॉटरी टिकट की छवि मिलती है.
इसके बाद एक नकली ड्रा दिखाकर किसी शख्स को 5 लाख रुपए जीतने का दावा किया जाता है. फिर एक ठग सरकार का प्रतिनिधि होने का नाटक करते हुए सामने वाले को कॉल करता है और पुरस्कार राशि प्राप्त करने के लिए जीएसटी और स्टांप ड्यूटी के लिए एक निश्चित राशि बैंक खाते में स्थानांतरित करने के लिए कहता है. पैसे मिलने के बाद फिर झांसा देकर रुपए मांगे जाते हैं.
इस तरह ऑनलाइन लोगों के साथ ठगी की जाती है. इस तरह की कई शिकायतें मिलने के बाद साइबर पुलिस ने गूगल और मेटा को नोटिस भेजा है, ताकि उनके प्लेटफॉर्म्स पर दिखाए जा रहे भ्रामक विज्ञापनों को रोका जा सके और लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सके. पुलिस ने लोगों से भी आग्रह किया है कि वे ऐसे ऑनलाइन लॉटरी घोटालों का शिकार बनने से बचें.

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