
लगातार तालिबान के संपर्क में है अमेरिका, 31 अगस्त तक ही सैनिकों को निकालने पर फोकस
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अमेरिका लगातार लोगों को निकाल रहा है, इस बीच वह तालिबान के साथ भी संपर्क में बना हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुवेलियन ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका लगातार तालिबान के साथ बातचीत कर रहा है.
अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबानी राज स्थापित होने के बाद अमेरिका (America) और नाटो देशों की कोशिश बड़ी संख्या में लोगों को रेस्क्यू करने की है. अमेरिका लगातार लोगों को निकाल रहा है, इस बीच वह तालिबान के साथ भी संपर्क में बना हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुवेलियन ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका लगातार तालिबान के साथ बातचीत कर रहा है. व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेक सुवेलियन ने कहा कि हम तालिबान से रोजाना बात कर रहे हैं, जो अलग-अलग मसलों पर है. हम लगातार अपने साथी देशों के साथ भी संपर्क में बने हुए हैं, लेकिन ये चर्चाएं क्या हैं ये बताना अभी ज़रूरी नहीं है. हालांकि, उन्होंने ये भी साफ किया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अभी किसी भी तालिबानी नेता से बात नहीं की है. 31 अगस्त तक लोगों को निकालने की कोशिश तमाम अटकलों के बीच बाइडेन प्रशासन (Biden Administration) ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि अमेरिका 31 अगस्त तक ही अपने सभी सैनिकों को निकाल लेगा. एनएसए जेक सुवेलियन ने साफ किया है कि काबुल एयरपोर्ट से 31 अगस्त तक सभी सैनिकों को वापस बुला लिया जाएगा, लेकिन अगर उन्हें लंबे समय तक रोका जाता है तो उसपर फैसला राष्ट्रपति बाइडेन ही लेंगे. अभी अमेरिका के कुल 5800 जवान काबुल एयरपोर्ट पर तैनात हैं, जिन्होंने एयरपोर्ट अपने कंट्रोल में लिया हुआ है और वो अमेरिकी नागरिकों के साथ-साथ मित्र देशों के नागरिकों, अफगानी नागरिकों को बाहर निकालने में मदद कर रहे हैं. तालिबान की धमकी के बीच हुआ ऐलान अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक, 24 घंटे में करीब 16 हज़ार लोगों को काबुल एयरपोर्ट से बाहर निकाला गया. लगातार लोगों की संख्या बढ़ रही है, सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि अन्य देशों की सेनाएं भी लोगों को वहां से निकाल रही हैं. बता दें कि अमेरिका की ओर से एक बार फिर 31 अगस्त की बात तब कही गई है, जब बीते दिन ही तालिबान ने धमकी दी थी. तालिबान ने साफ किया था कि 31 अगस्त तक अमेरिकी सैनिकों को यहां से जाना ही होगा, अगर डेडलाइन पार होती है तो इसका अंजाम ठीक नहीं होगा. जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी सैनिकों की वापसी तक तालिबान नई सरकार का गठन नहीं करेगा.
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