
रेप के आरोपों से शायद बच जाएं लेकिन बृजभूषण अभी पाक साफ नहीं?
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बिपरजॉय तूफ़ान किस तरह असर दिखाएगा, पॉक्सो ऐक्ट से फंसे बृजभूषण के लिए अभी मुश्किलें क्या हैं, कर्ज़ न लौटाने वालों को RBI ने क्यों दी राहत और गलवान घाटी में भारत- चीन के संघर्ष तीन साल बाद क्या क्या बदला? सुनिए 'दिन भर' में .
चक्रवाती तूफ़ान बिपरजॉय तेज़ रफ़्तार से गुजरात के तटीय इलाक़ों से टकरा गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, इसका लैंडफॉल शुरू हो गया है जो रात 12 बजे तक चलेगा. इसके पहले ही समुद्र से लगे गुजरात और मुंबई के इलाकों में ऊंची ऊँची लहरें उठने लगी थीं. गुजरात सरकार ने एहतियात के तौर पर तट के पास रहने वाले 74 हज़ार से अधिक लोगों को दूसरी जगह शिफ़्ट किया है. तूफान से निपटने के लिए NDRF ने गुजरात और महाराष्ट्र में टीमों को तैनात किया है. इसके अलावा एक टीम दादर और नगर हवेली के साथ-साथ दमन और दीव में भी टीमों की तैनाती की गई है. गुजरात की बात की जाए तो NDRF की 4 टीमों को गुजरात के कच्छ जिले में, तीन टीमों को राजकोट और तीन को द्वारका में तैनात किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिपरजॉय साइक्लोन पर हाई लेवल बैठक कर रहे हैं. इसमें गृह मंत्रालय के अधिकारी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी और बाक़ी बड़े अधिकारी भी मौजूद हैं. लैंडफॉल के बाद की स्थिति को देखते हुए 15 जहाज और 4 एयरक्राफ्ट को स्टैंडबाय पर रखा गया है. सुनिए ‘दिन भर’ में .
बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ पहलवानों की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने एक महीने पहले एफ़आईआर दर्ज की थी. इसमें महिला पहलवानों के सेक्शुअल असॉल्ट के साथ-साथ एक नाबालिग पहलवान के ख़िलाफ़ यौन हिंसा का आरोप भी शामिल है. कुल 7 पहलवानों के आरोप थे और आज पुलिस ने इस केस में दो अदालतों में चार्जशीट दाखिल कर दी. एक चार्जशीट 6 बालिग महिला पहलवानों की शिकायत पर दर्ज की गई रॉउज एवन्यू कोर्ट में. जबकि दूसरी चार्जशीट पटियाला कोर्ट में नाबालिग की शिकायत पर दर्ज केस में फाइल की गई है. इसमें पॉक्सो केस को रद्द करने की सिफ़ारिश दिल्ली पुलिस ने की है. कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए हैं. लेकिन पुलिस की चार्जशीट में मोटे तौर पर क्या क्या बातें कही गई हैं? सुनिए ‘दिन भर’ में.
इसी महीने की 7 तारीख को आरबीआई का एक फैसला आया था. इस फैसले के ज़रिए बैंक़ों के ऐसे कर्ज़दार जो कर्ज़ चुकाने की स्थिति में हैं, फिर भी नहीं चुका रहे, उन्हें राहत दी गई. बैंकिंग की भाषा में ऐसे कर्जदारों को विलफुल डिफॉल्टर्स कहते है। आरबीआई का ये फैसला इसलिए भी चौंका रहा है क्योंकि साल 2019 में उन्होंने ही ऐसे डिफॉल्टर्स को किसी भी तरह की छूट न देने की वकालत की थी. ट्रांस यूनियन सिबील नाम की एक संस्था है. उसके मुताबिक साल 2022 में देश भर में कुल 1,57,78 विलफुल डीफाल्टर अकाउंट्स थे जिन्होंने लगभग 3,40,570 करोड़ रूपए का कर्ज लिया था. अब कर्जे की ऐसी स्थिति में आरबीआई के इस फैसले का विरोध भी हो रहा है. कई बैंक कर्मचारी संगठन इस फैसले के खिलाफ हैं जिसमें All India Bank Officers Confederation और All India Bank Employees Association शामिल हैं. सुनिए ‘दिन भर’ में .
ठीक तीन साल पहले भारत-चीन सीमा पर कुछ ऐसा हुआ था जिसने दोनों देशों के बीच के रिश्ते को सिर के बल उलट दिया. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों की इस खूनी भिड़ंत में 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे. चीन ने इस झड़प में मारे गए अपने सैनिकों की संख्या कभी उजागर नहीं की. इस घटना के बाद से सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. कांग्रेस ने आज गलवान शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए मोदी सरकार को घेरा. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार की नाकामियों के चलते एलएसी पर पहले की यथास्थिति अब नहीं है. उन्होंने दावा किया कि हम 65 में से 26 पेट्रोलिंग पॉइंट पर अपना अधिकार खो चुके हैं. खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ने संसद में यह मुद्दा कई बार उठाने की कोशिश की, पर मोदी सरकार देशवासियों को अंधेरे में रखना चाहती है. इस घटना के बाद तीन सालों में अब तक भारत और चीन के बीच 18 दौर की सैन्य वार्ता और 27 बैठकें भी हो चुकी हैं. लेकिन तब से लेकर क्या बदला है, सुनिए ‘दिन भर’ में.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










