
'राहुल बिन अमेठी सून...', क्या एक बार फिर होगा राहुल गांधी और स्मृति ईरानी में मुकाबला? जानें- क्या कहता है यहां का मूड
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अमेठी से स्मृति बनाम राहुल के मुकाबले पर पब्लिक का मूड 50-50 मोड में है. कई लोग दावा करते हैं कि स्मृति ईरानी यहां से दोबारा जीत रही हैं. जबकि, कुछ लोग ऐसे हैं जो चाहते हैं कि राहुल यहां से चुनाव लड़ें. हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बीजेपी और कांग्रेस, दोनों से ही नाखुश हैं. उनका दावा है कि संजय गांधी के बाद किसी ने भी अमेठी के लिए काम नहीं किया.
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को अमेठी से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है. अमेठी में दो बार स्मृति ईरानी और राहुल गांधी के बीच मुकाबला हो चुका है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अमेठी में एक बार फिर राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा?
स्मृति ईरानी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी को 55 हजार वोटों से हराया था. राहुल तीन बार यहां से सांसद रहे हैं. स्मृति ने राहुल गांधी को चुनौती दी है कि वह अकेले अमेठी से चुनाव लड़कर दिखाएं. वहीं, कांग्रेस ने राहुल के दोबारा अमेठी से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं.
इन सबके बीच स्मृति ईरानी ने अमेठी में अपना चुनाव प्रचार तेज कर दिया है. वह लगातार अमेठी के मंदिरों का दौरा कर रही हैं. वह नवरात्रि के पहले दिन अमेठी के एक मंदिर भी गईं.
'राहुल बिन अमेठी सून'
2019 तक अमेठी कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा था. तीन बार यहां से सांसद रहे राहुल गांधी 2019 में स्मृति ईरानी से हार गए थे. इससे पहले 2014 में उन्होंने स्मृति ईरानी को एक लाख वोटों के अंतर से हराया था.
हालांकि, अब यहां हालात बदले-बदले नजर आ रहे हैं. अमेठी के कांग्रेस दफ्तर में सन्नाटा पसरा हुआ है. ज्यादातर कैबिनों में भी ताला लटका हुआ है. अमेठी दौरे के दौरान राहुल दफ्तर के जिस गेस्ट हाउस में ठहरते थे, वो भी वीराना नजर आ रहा है.

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