
राहुल ने जिस मुस्लिम लीग को बताया 'सेक्युलर' उसे 'डेड हॉर्स' बताकर कुचल देना चाहते थे नेहरू!
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राहुल गांधी ने केरल की जिस मुस्लिम लीग को 'सेक्युलर' बताया है, देश के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू उसके गठन के खिलाफ थे. नेहरू नहीं चाहते थे कि आजादी के बाद मुस्लिम लीग जैसी कोई पार्टी बने.
मुस्लिम लीग. पूरा नाम इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग. यही मुस्लिम लीग अब चर्चा में है. वो इसलिए क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुस्लिम लीग को 'सेक्युलर' बताया है.
अमेरिका दौरे पर गए राहुल गांधी ने कहा, 'मुस्लिम लीग पूरी तरह से सेक्युलर पार्टी है. उसमें नॉन-सेक्युलर जैसा कुछ भी नहीं है.'
दरअसल, केरल में कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का गठबंधन है. इसे लेकर ही उनसे सवाल किया गया था. इसी के जवाब में राहुल ने मुस्लिम लीग को सेक्युलर पार्टी बताया.
हालांकि, राहुल के इस बयान पर बवाल भी छिड़ गया. बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने ट्वीट किया, 'जिन्ना की मुस्लिम लीग, जो धर्म के आधार पर भारत के बंटवारे के लिए जिम्मेदार है, वो पार्टी राहुल गांधी के हिसाब से 'सेक्युलर' है. वायनाड में स्वीकार्य बने रहना भी उनकी मजबूरी है.'
Jinnah’s Muslim League, the party responsible for India’s partition, on religious lines, according to Rahul Gandhi is a ‘secular’ party. Rahul Gandhi, though poorly read, is simply being disingenuous and sinister here… It is also his compulsion to remain acceptable in Wayanad. pic.twitter.com/sHVqjcGYLb
अमित मालवीय को जवाब देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने दावा किया कि जिन्ना की मुस्लिम लीग और केरल की मुस्लिम लीग में फर्क है.

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