
राम लॉकेट 10, कुर्ता 250 रुपये में... रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले सज गए बाजार
AajTak
जब से राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख आई है उसके बाद से ही बाजारों की रौनक बढ़ गई है. अब तो छोटी सी छोटी और बड़ी दुकानों पर भी राम का नाम दिखाई देता है. इसमें सबसे ज्यादा मांग राम नाम के फोटो फ्रेम की है, इसके अलावा मंदिर का मॉडल भी सबसे ज्यादा मात्रा में बिक रहा है. राम की आकृति के लॉकेट और झंडा भी बड़ी तादाद में बिक रहे हैं.
अयोध्या में एक तरफ रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जोरों से चल रही हैं. महज 10 दिन के समय के अंतराल के बाद ही रामलाल के भव्य दर्शन शुरू हो जाएंगे. अयोध्या के बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं और हर तरफ राम का ही नाम और रंग दिखाई दे रहा है. राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के आसपास के बाजार में चाहे राम के नाम का पटुका हो, वस्त्र कपड़े, मूर्तियां-फोटो आदि की भरमार हर तरफ दिखाई दे रही है. आने वाले श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में इन उत्पादों की खरीदारी भी करते नजर आ रहे हैं.
जब से राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख आई है उसके बाद से ही बाजारों की रौनक बढ़ गई है. अब तो छोटी सी छोटी और बड़ी दुकानों पर भी राम का नाम दिखाई देता है. इसमें सबसे ज्यादा मांग राम नाम के फोटो फ्रेम की है, इसके अलावा मंदिर का मॉडल भी सबसे ज्यादा मात्रा में बिक रहा है. राम की आकृति के लॉकेट और झंडा भी बड़ी तादाद में बिक रहे हैं.
हनुमानगढ़ी मंदिर के बाजार में दुकानदार सुरेश कहते हैं कि राम मंदिर के मॉडल की बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है. इसके साथ ही सबसे ज्यादा मांग जय श्री राम और उनकी आकृति के फोटो फ्रेम की है. इसके अलावा श्रीराम की मूर्ति, राम दरबार और गोल्डन फ्रेम में जड़े श्रीराम की आकृति भी काफी मांग में है. प्राण प्रतिष्ठा का असर बाजार में भी दिख रहा है, ज्यादातर श्रद्धालु इन उत्पादों की मांग कर रहे हैं और अपने साथ याद के तौर पर ले जा रहे हैं.
बाजार के प्रमुख उत्पादों की अगर कीमतों पर नजर डालें तो-
राम लॉकेट 10 से ₹50 राम वस्त्र 50 से ₹200 मंदिर मॉडल 100 से ₹500 राम दरबार 200 से ₹800 रामनामी 100 से ₹300 फोटोफ्रेम 150 से ₹800 चाबी गुच्छे 20 से 100 चादरें 200 से ₹800 राम कुर्ता 250 से ₹800
वहीं दूसरी तरफ अयोध्या में पहुंचे श्रद्धालु और ग्राहक भी बड़ी संख्या में दर्शन के साथ-साथ इन उत्पादों की खरीदारी भी करते नजर आ रहे हैं. आज तक से बातचीत में रेखा शुक्ला ने कहा कि पूरे परिवार के लिए उन्होंने रामनामी वस्त्र लिए हैं और यहां से यादगार के तौर पर मंदिर लेकर जा रहे हैं. अयोध्या में बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं और सभी यहां से कुछ न कुछ लेकर जाना चाहते हैं, इससे वहां की दुकानों और लोगों का भी फायदा हो रहा है.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.

सरकार ने राज्यसभा में बताया कि निजाम के 173 बहुमूल्य गहने 1995 से भारतीय रिजर्व बैंक के वॉल्ट में कड़ी सुरक्षा में रखे गए हैं. संस्कृति मंत्रालय ने इनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व को स्वीकार किया है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन गहनों को हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए स्थानांतरित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

Delhi Weather: दिल्ली में फरवरी की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होगी. जिसमें हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. IMD के अनुसार, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. जनवरी में असामान्य बारिश के बाद फरवरी की शुरुआत भी ठंडी और गीली रहने की संभावना है.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.








