
राजस्थान: चार दिनों में चौथे विधायक ने गहलोत सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा- मुझे जलालत भरे मंत्री पद से मुक्त करें
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राजस्थान के खेलमंत्री ने ट्वीट कर अपने इस्तीफे की पेशकश की है. उन्होंने सीएम से अपील की है कि उन्हें इस जलालत भरे पद से मुक्त किया जाए.
राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. पिछले चार दिनों में चौथे विधायक ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. खेल मंत्री अशोक चांदना ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका के खिलाफ लिखते हुए इस्तीफे की पेशकश की.
खेल मंत्री ने गुरुवार रात को ट्वीट कर कहा है, ''माननीय मुख्यमंत्री जी, मेरा आपसे व्यक्तिगत अुरोध है कि मुझे इस जलालत भरे मंत्री पद से मुक्त कर मेरे सभी विभागों का चार्ज कुलदीप रांका को दे दिया जाए, क्योंकि वैसे भी वो ही सभी विभागों के मंत्री हैं.
राजस्थान की गहलोत सरकार के खिलाफ कांग्रेस के एक और विधायक ने बुधवार को ही मोर्चा खोल था. चित्तौड़गढ़ के बेगू से आनेवाले कांग्रेस विधायक राजेंद्र विधूडी ने कहा कि इस सरकार में कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है. इस सरकार में कोई विधायक चुनाव नहीं जीतेगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत... पुलिस वालों को बूथ पर बैठाकर चुनाव जिता लेना और जीतने का नकली सर्टिफिकेट बना कर दे देना.
बेगू में सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधायक ने कहा कि रीट पेपर आउट मामले की जांच सीबीआई से सरकार नहीं करवा रही है क्योंकि मंत्री को जेल जाने से बचाना चाह रहे हैं. ऐसे ऐसे लोगों को मंत्री बना दिया जो चुनाव हार रहे हैं और दो-दो बार के जीते हुए विधायक घूम रहे हैं. पुलिस थानों में तस्करी हो रही है मगर कोई सुननेवाला नहीं है.
उधर, कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके डूंगरपुर के विधायक और युवक कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश घोघरा ने दिल्ली में कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल से मिलकर गहलोत सरकार के कामकाज की शिकायत की है, मगर इस्तीफा नहीं दिया है.
वहीं, प्रतापगढ़ के विधायक रामलाल मीणा ने ट्विट कर कांग्रेस से कहा है कि डूंगरपुर जिले की कांग्रेस खत्म हो रही है, इसे बचा लो. राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में विरोध को लेकर कांग्रेस आलाकमान बेहद परेशान है.

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