
'राजनीति से दूरी, जल्द चुनाव...' इमरान को PAK के नए आर्मी चीफ आसिम मुनीर से ये उम्मीदें
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पीटीआई ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों को उम्मीद है कि सेना बाहरी चुनौतियों से निपटते हुए आतंरिक मामलों से दूर रहेगी और राजनीतिक पार्टियों के अधिकारों को प्रभावित नहीं होने देगी. देश में जो संकट है, उससे निपटने के लिए जल्द चुनाव ही एकमात्र रास्ता है.
लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तान के नए आर्मी चीफ होंगे. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने पीएम शहबाज शरीफ की सिफारिश पर अंतिम मुहर लगा दी है. इसी बीच पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी PTI ने आसिम मुनीर को आर्मी चीफ बनाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. पीटीआई ने उम्मीद जताई है कि नए आर्मी चीफ अपनी संवैधानिक भूमिका निभाएंगे और राजनीति और आंतरिक मुद्दों से दूर रहेंगे. इतना ही नहीं पीटीआई ने कहा कि सिर्फ जल्द चुनाव ही पाकिस्तान के मौजूदा संकटों से निपटने का एकमात्र रास्ता है.
पीटीआई ने कहा कि पिछले 8 महीने में जो कुछ हुआ, उनसे देश में गहरी खाई पैदा हुई है. इस दौरान सरकार द्वारा जो कदम उठाए गए हैं, उनसे देश और उसके संस्थानों को गहरा नुकसान पहुंचा है.
PTI के मुताबिक, पाकिस्तान में मानवाधिकारों का बड़े स्तर पर उल्लंघन हो रहा है. पत्रकार और मीडिया का उत्पीड़न और यातनाएं दी जा रही हैं. देश के बड़े पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या कर दी गई. इमरान की पार्टी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सेना का नया नेतृत्व संवैधानिक भूमिका निभाएगा, ताकि देश में लोकतंत्र मजबूत हो और देश के लोग अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर चुनाव में नया नेतृत्व चुन सके.
पीटीआई ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों को उम्मीद है कि सेना बाहरी चुनौतियों से निपटते हुए आतंरिक मामलों से दूर रहेगी और राजनीतिक पार्टियों के अधिकारों को प्रभावित नहीं होने देगी. देश में जो संकट है, उससे निपटने के लिए जल्द चुनाव ही एकमात्र रास्ता है. हमें लगता है कि सभी संस्थान और व्यक्ति, जिन्हें ऐसा लगता है कि देश कष्ट में है, वे लोकतांत्रिक भविष्य को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे.
कौन हैं आसिम मुनीर? लेफ्टिनेंट मुनीर अभी पाकिस्तानी सेना में क्वार्टरमास्टर जनरल के तौर पर सेवा दे रहे हैं. आसिम मुनीर को सितंबर 2018 में 2 स्टार जनरल के तौर पर प्रमोट किया गया था. लेकिन उन्होंने इसके दो महीने बाद चार्ज लिया था. ले. जनरल आसिम ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल के तहत सेना में भर्ती हुए थे. वे फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट में कमीशन हुए. वे जनरल बाजवा के पुराने करीबी माने जाते हैं.
पुलवामा हमले के वक्त ISI चीफ थे मुनीर

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