
राजनीति में परिवारवाद का प्रवेशद्वार बने पंचायत चुनाव
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उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव को नेता अपने बेटे, बेटियों, पत्नियों के लिए राजनीति में प्रवेश के मौके के रूप में देख रहे हैं. करीब सभी पार्टियों के नेताओं ने अपने करीबी रिश्तेदारों पर दांव लगाया है.
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है. चुनावी मैदान में कई दिग्गजों के आने से मुकाबला रोचक होता जा रहा है. पंचायत चुनाव में इस बार युवा वर्ग से सबसे अधिक प्रत्याशी होने की संभावना है. पंचायत चुनाव को नेता अपने बेटे, बेटियों, पत्नियों के लिए राजनीति में प्रवेश के मौके के रूप में देख रहे हैं. जौनपुर जिले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह ने शनिवार, 3 अप्रैल को जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन किया. वह वार्ड संख्या 45 (सिकरारा तृतीय) से उम्मीदवार हैं. श्रीकला सिंह के नामांकन के बाद जिले के सियासी हलके में खलबली मची हुई है. उनके पति धनंजय सिंह हाल में ही जेल से जमानत पर छूटे हैं और उसके बाद फरार हैं. लखनऊ में हुए अजीत सिंह हत्याकांड में साजिश रचने के आरोपी धनंजय की पुलिस को तलाश है.More Related News

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