
रवीना टंडन के साथ मारपीट! कंगना रनौत बोलीं- लिंचिंग होती अगर 5-6 लोग और...
AajTak
रवीना टंडन के सपोर्ट में कंगना रनौत ने अपनी राय दी है. एक्ट्रेस ने इस मामले को लिंचिंग से जोड़ा और कहा कि अगर सामने 5-6 लोग और होते तो येे लिंचिंग की घटना हो जाती. इस मामले पर कड़ा एक्शन लेना चाहिए.
बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन से मारपीट मामला खूब सुर्खियां बटोर रहा है. हर कोई अपनी अपनी राय बना रहा है. हालांकि सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हो चुका है कि रवीना की गलती नहीं थी. बावजूद इसके कई तरह की बातें कही जा रही हैं. इस मामले में अब एक्ट्रेस कंगना रनौत भी सामने आई हैं और उन्होंने रवीना का साथ दिया. कंगना ने इस घटना को लिंचिंग बताया है और कड़ी निंदा की है. साथ ही एक्ट्रेस ने एक्शन लेने की भी मांग की है.
कंगना ने किया सपोर्ट
कंगना ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपडेट कर रवीना से मारपीट मामले पर अपना ओपिनियन शेयर किया. कंगना ने लिखा- रवीना टंडन के साथ जो भी हुआ वह चिंताजनक है. अगर विरोधी ग्रुप में 5-6 और लोग होते तो वो लिंचिंग का शिकार हो जातीं. हम इस तरह के रोडरेज जैसी घटनाओं की निंदा करते हैं. उन लोगों को सजा मिलनी चाहिए और उन्हें इस तरह के हिंसक और जहरीले व्यवहार से बचकर नहीं भागने नहीं देना चाहिए.
क्या था मारपीट का मामला
दरअसल, रवीना और उनके ड्राइवर पर कुछ लोगों ने मारपीट का आरोप लगाया था. कहा गया कि ड्राइवर लापरवाही से गाड़ी चला रहा था, जिसकी वजह से कार्टर रोड पर उसने तीन लोगों को टक्कर मार दी. इसके बाद जब रवीना से बात करने की कोशिश की गई तो वो नशे में पाई गईं, और एक्ट्रेस ने उन लोगों के साथ बदसलूकी की.
जबकि पुलिस और सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक सच्चाई कुछ और ही निकली. रिपोर्ट कहती है कि रवीना की गाड़ी ने किसी को टच नहीं किया. बल्कि तथाकथिक पीड़ितों में मौजूद एक महिला ने जबरदस्ती बिल्डिंग में घुसने की कोशिश की थी. रवीना की गाड़ी बिल्डिंग के गेट से अंदर गई तो उस महिला ने ड्राइवर से बात करने को कहा. जब वॉचमैन ने अंदर घुसने से मना किया तो बदतमीजी की. रवीना को बीच-बचाव करते हुए चोट भी लगी. CCTV फुटेज में ये सब कुछ रिकॉर्ड हुआ है.

स्पाई-एक्शन फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर सफल हो रही है, जिसमें बिमल ओबेरॉय ने शिरानी अहमद बलोच का किरदार निभाकर अपनी छाप छोड़ी है. ये किरदार पाकिस्तान की राजनीति और कट्टरपंथी सोच से जुड़ा है. फिल्म में शिरानी बलोच का रोल आतंकवादी नेटवर्क और कट्टर संगठनों की मानसिकता को दर्शाता है, जो कहानी में सस्पेंस और तनाव बढ़ाता है.












