
फिल्म 'धुरंधर' से हकीकत तक... पाकिस्तान में आतंकवाद बढ़ने की असली वजह क्या है?
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पाकिस्तान में आतंकवाद ने एक बार फिर खतरनाक रफ्तार पकड़ ली है. 2025 में हमलों और मौतों के आंकड़े 2013 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए. TTP और BLA जैसे संगठनों की बढ़ती सक्रियता, अफगानिस्तान से बढ़ता तनाव ने हालात को गंभीर बना दिया है.
दिग्गज फिल्म मेकर आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' और उसके सीक्वल की बॉक्स ऑफिस पर बंपर सफलता मिली है. इसमें एक भारतीय जासूस के पाकिस्तान के गैंगस्टरों के बीच किए गए कारनामों को दिखाया गया है. इस फिल्म ने देश में आतंकवाद के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. इसी बीच ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट सामने आई है.
इसमें पहली बार पाकिस्तान को दुनिया का सबसे ज्यादा आतंकवाद से प्रभावित देश बताया है. इस मामले में उसने बुर्किना फासो को भी पीछे छोड़ दिया है. आतंकवाद में यह बढ़ोतरी अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद देखी गई है. इसके साथ ही तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों में तेजी आई है.
इसी का असर यह रहा कि 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 2013 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया. सिर्फ पिछले साल ही 1,045 आतंकी घटनाओं में 1,139 लोगों की मौत हुई. दक्षिण एशिया में हालात तब और बिगड़े जब फरवरी में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया. पाकिस्तान ने काबुल और कंधार पर हवाई हमले किए.
इसकी वजह से लोगों के विस्थापन का खतरा बढ़ा, सीमा पर नियंत्रण कमजोर हुआ, TTP और ISIS-K जैसे संगठनों के फैलाव के लिए माहौल अनुकूल हो गया. 2025 में दुनिया भर में चार आतंकी संगठन सबसे ज्यादा घातक रहे. इस्लामिक स्टेट (IS), जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन (JNIM), तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और हरकत अल-शबाब अल-मुजाहिदीन (अल-शबाब).
इनमें TTP एकमात्र ऐसा संगठन था, जिसकी वजह से पिछले साल मौतों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई. सिर्फ पाकिस्तान में ही आतंकवाद से जुड़ी मौतों में 5.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. वैश्विक स्तर पर हुई कुल मौतों में से 20 प्रतिशत मौतें यहीं हुईं. इसके साथ पाकिस्तान उन पांच देशों में शामिल हो गया है, जो दुनिया में आतंकवाद से होने वाली मौतों के 70 प्रतिशत हिस्से के लिए जिम्मेदार हैं.

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