
योगी-मोदी के प्रचार ने कैसे उड़ाई विरोधियों की हवा, जानिए
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स्ट्राइक रेट अधिकतर क्रिकेट मैच में इस्तेमाल होने वाली भाषा है लेकिन इसे चुनावी पिच पर इसको देखें तो नरेंद्र मोदी का स्ट्राइक रेट 70 से 80 फीसदी माना जाता है. मतलब ये कि अगर 100 सीटों पर प्रचार पीएम मोदी करते हैं तो 70 से 80 सीटें बीजेपी का जीतना तय हो जाता है. लेकिन जब जोड़ी जबरदस्त बन जाती है तो स्ट्राइक रेट पार्टी के लिए बढ़ जाता है. वजह ये कि प्रधानमंत्री की तरह ही मुख्यमंत्री भी धुआंधार प्रचार करते हैं. जिस तरह देश भर में पीएम मोदी के प्रचार की मांग बढ़ती है. वैसे ही सिर्फ यूपी ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों के चुनावों में भी पीएम के बाद योगी आदित्यनाथ के भाषणों और प्रचार अभियान में आने की डिमांड बढ़ती है. इस तरह प्रचार के पिच पर भी विरोधियों को चित करने वाली ये जोड़ी जबरदस्त है.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










