
योगी के 'पप्पू-टप्पू-अप्पू' के जवाब में अखिलेश का तंज, बोले- बिहार को गप्पू और चप्पू से बचाना है
AajTak
सोमवार को दरभंगा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महागठबंधन पर तीखा हमला बोला था. सीएम योगी ने महात्मा गांधी के तीन बंदरों का ज़िक्र करते हुए विपक्ष पर तंज कसा था.
बिहार चुनाव के प्रचार में INDIA ब्लॉक और एनडीए के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. सोमवार को दरभंगा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महागठबंधन पर जमकर हमला किया.
उन्होंने महात्मा गांधी के तीन बंदरों का ज़िक्र करते हुए महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) के तीन 'बंदर' बताए- पप्पू, टप्पू और अप्पू. इस तंज पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने तुरंत पलटवार किया है.
अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट लिखी, जिसे सीधे तौर पर योगी आदित्यनाथ को जवाब माना जा रहा है. अखिलेश ने लिखा, "जो लोग आईना देखकर आते हैं. उन्हें हर तरफ़ बंदर नज़र आते हैं. बंदर की टोली में बैठा दिये जाएं. तो अलग नजर भी नहीं आते हैं!"
अखिलेश का पलटवार
बिहार चुनाव की विस्तृत कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
बिहार विधानसभा की हर सीट का हर पहलू, हर विवरण यहां पढ़ें

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










