
यूरोप टूर पर जाने से पहले रिश्वत का पैसा वसूलने के चक्कर में खुली RML हॉस्लपिटल में वसूली रैकेट की पोल
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दिल्ली के राम मनोहर लोहिया जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल में यह रिश्वतखोरी कई स्तर पर चल रही थी. सीबीआई की FIR के जरिए समझा जा सकता है कि अस्पताल में जमकर भ्रष्टाचार चल रहा था. इसमें यह भी दावा किया गया कि क्लर्कों और नर्सों ने राज और चन्नप्पागौड़ा को 20 हजार रुपये का भुगतान नहीं करने पर एक गर्भवती महिला को बाहर निकालने की धमकी भी दी थी.
दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में CBI ने एक बड़े रिश्वतखोरी रैकेट का पर्दाफाश किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस रैकेट में नर्स से लेकर कार्डियोलॉजिस्ट तक सब शामिल हैं. रिश्वतखोरी के इस मामले में अब एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि CBI के एक्शन से पहले कार्डियोलॉजिस्ट यूरोप टूर पर जाने की जल्दबाजी में था. इस कारण उसने रिश्वत लेने में जल्दबाजी की और सीबीआई की रडार पर आ गया. इसके बाद जांच एजेंसी ने पूरे रैकेट का खुलासा कर दिया. इस मामले में अब तक डॉक्टर सहित 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
राम मनोहर लोहिया जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल में यह रिश्वतखोरी कई स्तर पर चल रही थी. सीबीआई की FIR के जरिए समझा जा सकता है कि अस्पताल में जमकर भ्रष्टाचार चल रहा था. इसमें यह भी दावा किया गया कि क्लर्कों और नर्सों ने राज और चन्नप्पागौड़ा को 20 हजार रुपये का भुगतान नहीं करने पर एक गर्भवती महिला को बाहर निकालने की धमकी भी दी थी. दोनों कथित रूप से चिकित्सा उपकरण की सप्लाई करने वालों से लाखों रुपये ले रहे थे.
FIR में 11 लोगों और 4 फर्मों का नाम दर्ज है. इनमें से 6 अस्पताल कर्मचारी, एक बिचौलिया और 4 चिकित्सा उपकरण सप्लाई करने वाले शामिल हैं. CBI की FIR में के मुताबिक राज और पर्वतागौड़ा मेडिकल उपकरण और स्टेंट सप्लाई करने वालों से रिश्वत लेते थे. बदले में दोनों RML अस्पताल में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों पर कंपनी का प्रोडक्ट लेने का दबाव बनाते थे.
कैसे हुआ मामले का खुलासा
जांच एजेंसी के मुताबिक पर्वतगौड़ा ने मेडिकल सप्लायर्स से जल्द से जल्द उसके रिश्वत के पैसे देने की मांग की थी. उन्होंने नागपाल नामक सप्लायर से 23 अप्रैल को कहा था कि वह 2.48 लाख रुपए की रिश्वत जल्दी मुहैया करा दे. नागपाल ने इसके लिए हामी भी भर दी थी. इसके बाद पर्वतगौड़ा ने दूसरे सप्लायर अहमद से रिश्वत के सारे पैसे तुरंत देने की मांग की थी. इसके पीछे का कारण बताते हुए पर्वतगौड़ा ने कहा था कि वह गर्मी की छुट्टियों में यूरोप की यात्रा पर जा रहा है. CBI ने यह खुलासा भी किया है कि अहमद मार्च में भी पर्वतागौड़ा के पिता बसंत गौड़ा के खाते में 1.95 लाख रुपए का भुगतान कर चुका है.
UPI से लिया 36 हजार रुपए का पेमेंट

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