
यूपी विधानसभा में आधे से अधिक विधायकों पर 'क्रिमिनल' केस: रिपोर्ट
AajTak
इस नई विधानसभा में गंभार जुर्म के आरोपी विधायकों में बीजेपी के 90, समाजवादी पार्टी के 48, राष्ट्रीय लोकदल के 5, सुभासपा और निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के 4-4, कांग्रेस, अपना दल सोनेलाल और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो- दो और बसपा का एकमात्र विधायक भी शामिल है. ये आंकड़े एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार हैं.
उत्तर प्रदेश की नव निर्वाचित विधानसभा में आधे से ज्यादा विधायक किसी न किसी अपराध के आरोपी हैं. यानी सरकार भले भाजपा की बने लेकिन बहुमत में तो आपराधिक रिकॉर्ड वाले ही हैं. उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के अध्ययन विश्लेषण के मुताबिक नामांकन के समय उम्मीदवारों के हलफनामे से ही खुलासा हुआ कि विधानसभा के कुल 403 विधायकों में से 205 के खिलाफ आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं. इनमें से भी 39 फीसदी यानी 158 विधायकों के खिलाफ तो संगीन जुर्म के आरोप वाले मुकदमे हैं.
2017 के मुकाबले बढ़े आपराधिक रिकॉर्ड वाले विधायक
पिछले चुनाव यानी 2017 में आपराधिक रिकॉर्ड वाले विधायक सिर्फ 147 थे यानी सदन की कुल संख्या का 36 फीसदी. वहीं संगीन अपराध वाली धाराओं यानी हत्या, रेप, डकैती, अपहरण और जानलेवा हमला करने जैसे मुकदमे वाले विधायक भी 2017 में 107 के मुकाबले इस बार बढ़कर 158 यानी 39 फीसदी हो गए हैं.
पांच विधायक हत्या और एक रेप आरोपी
पांच विधायक हत्या, 29 हत्या के प्रयास, एक रेप और छह विधायक महिलाओं के प्रति अपराध के आरोपी हैं. दलगत स्थिति से भी यही पता चलता है कि भाजपा के 255 में से 111 विधायक यानी 44 फीसदी, समाजवादी पार्टी के 111 विधायकों में से 71 यानी 64 फीसदी, आरएलडी के 8 में से 7 यानी 88 फीसदी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल दोनों के छह-छह में से चार-चार यानी 67 फीसदी और अपना दल सोनेलाल के 12 में से 3 यानी 25 फीसदी विधायक आपराधिक रिकॉर्ड वाले हैं. इसके अलावा शत प्रतिशत अपराधिक रिकॉर्ड वाले विधायकों वाली पार्टियों में कांग्रेस और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो-दो और बीएसपी के एकमात्र विधायक ने भी रिकॉर्ड बनाया है.
बीजेपी के 90 विधायकों पर संगीन मामले

शिवसेना के नए चुने गए सभी 29 कॉर्पोरेटर मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में एकत्रित हैं. यहाँ पर शिवसेना ने बीएमसी में ढाई साल मेयर बनाए जाने की मांग उठाई है. पार्टी चाहती है कि बीजेपी और शिवसेना, दोनों के कॉर्पोरेटर मेयर पद पर बारी-बारी से ढाई-ढाई साल तक कार्य करें. इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महायुति के मेयर बनने की इच्छा जताई है.

डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में इंडिगो फ्लाइट संकट के लिए एयरलाइन की गंभीर लापरवाही सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो पर 22 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही निर्देशों के पालन और दीर्घकालिक सिस्टम सुधार सुनिश्चित करने के लिए डीजीसीए के पक्ष में 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश दिया गया है.

काशी के मणिकर्णिका घाट में विकास कार्य को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. बुलडोजर से घाट पर एक मणि तोड़े जाने की तस्वीरें वायरल होने के बाद स्थानीय लोग और तीर्थ पुरोहित विरोध कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में विकास कार्यों का निरीक्षण किया और सियासत करने वालों पर पलटवार किया. विपक्ष इसे आस्था से खिलवाड़ बता रहा है जबकि सरकार इसे काशी के इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के लिए जरूरी बता रही हैं.

बिहार से BJP नेता और वर्तमान राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन 19 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे. 20 जनवरी को निर्विरोध रूप से उनके BJP के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की संभावना है. BJP अबतक का अपना सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बना रही है तो वो इसके पीछे क्या संदेश दे रह रही है. देखें हल्ला बोल.

आज दंगल का मैदान बना पश्चिम बंगाल का मालदा जहां पीएम मोदी आज पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आए. प्रधानमंत्री ने घुसपैठिया, कानून व्यवस्था,महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाकर ममता सरकार को कठघरे में खड़ा किया. साथ ही यह भी संदेश साफ दिया कि बीजेपी अब बंगाल में सरकार बनाने जा रही है. पीएम मोदी ने बंगाल की जनता को देशभर में बीजेपी की लहर की क्रोनोलॉजी समझाई.

बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव में दूसरे नंबर पर रही एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मेयर पद को लेकर बीजेपी के सामने 50-50 पावर शेयरिंग फॉर्मूला रख दिया है. आईसीसी पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में शनिवार को भारत और बांग्लादेश के बीच मुकाबला खेला जा रहा है. इस मैच में टॉस के दौरान भारतीय टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने बांग्लादेश के स्टैंड-इन कप्तान जवाद अबरार से हाथ मिलाने से परहेज किया.

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. बीते दो दिनों में गाजीपुर और राजबाड़ी जिलों से दो हिंदुओं की हत्या की घटनाओं ने तनाव बढ़ा दिया है. गाजीपुर के कालिगंज में शनिवार सुबह होटल व्यवसायी लिटन चंद्र घोष की मामूली विवाद के बाद पीट-पीटकर और बेलचे से वार कर हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है.

पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी क्षेत्र में सड़क हादसे में शहीद IRB जवान सुधीर कुमार सिंह की मौत के बाद ₹1 करोड़ दुर्घटना बीमा राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. विधवा बहू ने बीमा भुगतान रोक लगा दिया है. बुजुर्ग मां‑बाप न्याय के लिए मुसाबनी मुख्यालय पहुंचे और बहू पर प्रताड़ना व बीमा राशि पर दावा करने के आरोप लगाए हैं.





