
मौत से 2 महीने पहले ऋषि कपूर ने देखा था जो सपना, 6 साल बाद पीएम मोदी ने किया पूरा
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने संजय लीला भंसाली के साथ मिलकर 'भारत गाथा' थीम पर इंडियन सिनेमा की एक खास झांकी पेश की. लेकिन क्या आप जानते हैं इस दिन का सपना दिवंगत एक्टर ऋषि कपूर ने 6 साल पहले देखा था.
हिंदी सिनेमा के दिग्गज डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर 'भारत गाथा' थीम पर एक खास झांकी पेश की. भंसाली इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की तरफ से कर्तव्य पथ की परेड में झांकी पेश करने वाले पहले डायरेक्टर बने हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं इस दिन का सपना बॉलीवुड के बड़े एक्टर ने 6 साल पहले देखा था.
हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित 'कपूर खानदान' की तीसरी पीढ़ी के दिवंगत एक्टर ऋषि कपूर ने साल 2020 में केंद्र की मोदी सरकार से 71वें गणतंत्र दिवस के दिन एक सुझाव दिया था. हालांकि उस समय उनके सुझाव की वजह से उन्हें काफी ट्रोल किया गया. लेकिन करीब 6 साल बाद आज उनका ये सुझाव मोदी सरकार ने न सिर्फ माना बल्कि उसे दुनिया के सामने पेश किया.
ऋषि कपूर ने क्या सुझाव दिया था? साल 2020 में अपनी मौत (30 अप्रैल 2020) से पहले दिवंगत एक्टर ऋषि कपूर ने गणतंत्र दिवस के दिन अपने सोशल मीडिया अकाउंट X (तब ट्विटर) पर एक पोस्ट किया था. जिसमें उन्होंने मोदी सरकार से अपील करते हुए लिखा, 'मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री (जो अब दुनिया में सबसे बड़ा है) को समर्पित एक बड़ी 'झांकी' निकाली जाए. सभी कलाकारों को परेड और मार्च पास्ट का हिस्सा होना चाहिए. दुनिया को हमारी भागीदारी भी देखनी चाहिए. हम सभी को 'देसी' होने पर गर्व है. अगले साल. जय हिंद! 🙏'
हालांकि ऋषि कपूर की चाहत 2021 में होने वाले गणतंत्र दिवस परेड को लेकर थी. लेकिन अब करीब 6 साल बाद आज यानी 26 जनवरी 2026 में जब इंडियन सिनेमा की झांकी 'भारत गाथा' कर्तव्य पथ पर तिरंगे को सलामी देते हुए गुजरी, तो ऐसा लगा मानो ऋषि कपूर का वह अधूरा सपना मोदी सरकार ने पूरा कर दिया हो. इस झांकी के जरिए यह संदेश दिया गया कि भारतीय फिल्में केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये हमारी संस्कृति को वैश्विक पटल पर मजबूती से रखती हैं.तब ऋषि कपूर का उड़ा मजाक, किया ट्रोल ऋषि कपूर की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया था. एक यूजर ने लिखा, 'लगभग सारा बॉलीवुड तो भारतीय सभ्यता और भारतीय एकता को नष्ट करने में जुटा पड़ा है, और ख्वाब देखिये जनाब के...' वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा, 'सर, ये कोई आम परेड नहीं है, इसमें भाग लेने के लिए बहुत कुछ बलिदान करना होता है, सैनिक हमारे रियल हीरो है इनको आप रील हीरो से तुलना मत कीजिए क्योंकि वो इस लायक नहीं है. हमारे देश के गौरव को मज़ाक और फिल्मी अड्डा हम कभी भी बनने देंगे.'
इस तरह के सैंकड़ों कमेंट्स ऋषि कपूर की पोस्ट पर देखे जा सकते हैं. जहां एक्टर को ट्रोल किया गया. बॉलीवुड माफिया, देशद्रोही तत्व, टुकडे़-टुकड़े गैंग, नेपोटिज्म जैसे शब्द इस्तेमाल किए गए. हालांकि जो भी हो अब मरणोपरांत ऋषि कपूर को वो ख्वाब पूरा हो गया, जो उन्होंने देखा था.
संजय लीला भंसाली ने पेश की सिनेमा की झांकी 77वें गणतंत्र दिवस परेड में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने हिंदी सिनेमा के दिग्गज डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ मिलकर 'भारत गाथा' थीम पर एक खास झांकी पेश की. भारतीय सिनेमा के लिए राष्ट्रीय मंच पर ये काफी ऐतिहासिक पल था, जब पहली बार किसी भारतीय फिल्म डायरेक्टर ने देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय समारोह में इंडियन सिनेमा का प्रतिनिधित्व किया.













