
मैं साम्राज्यों का कब्रिस्तान हूं! ये है मेरी कहानी, मैं अफगानिस्तान हूं
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31 अगस्त 2021 विश्व के इतिहास में वो तारीख होगी जब द्वितीय विश्व युद्ध के बाद खुद को मॉर्डन वर्ल्ड का सरदार कहने वाले अमेरिका की मिलिट्री पावर उसी धारणा का शिकार हो गई जो कहती है कि अफगानिस्तान साम्राज्यों का कब्रिस्तान है.
मैं अफगानिस्तान हूं... वैश्विक ताकतों की हसरतों से लहूलुहान हूं... जिसने चाहा रौंद गया...देखता रहा घमासान हूं... कभी कोल्ड वार, कभी टेरर वार, कभी जिहाद हुआ सिर पर सवार, दुनिया भर की साजिशों का जंग-ए-मैदान हूं. हां, मगर ये भी सच है... अफगानी ज़िद को कोई जीत नहीं पाया... इसीलिए मैं साम्राज्यों का कब्रिस्तान हूं!
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

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ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.










