
मिलिट्री कोर्ट में इमरान समर्थकों के खिलाफ ट्रायल को ठहराया जायज, शहबाज सरकार ने किया सेना का बचाव
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पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने मिलिट्री कोर्ट की प्रशंसा की, जहां इमरान खान के समर्थकों के खिलाफ ट्रायल चल रहा है. उन्होंने मिलिट्री कोर्ट के बचाव में कहा कि ये अदालतें निष्पक्ष सुनवाई कर रही हैं. बीते साल मई में इमरान समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जब दावा है कि मिलिट्री संस्थानों को भी निशाना बनाया गया था.
पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थकों के खिलाफ मिलिट्री ट्रायल जारी है. ये मामले सैन्य संस्थानों पर अटैक को लेकर दर्ज किए गए थे और इसका ट्रायल मिलिट्री कोर्ट में हो रहा है. इमरान खान की पार्टी पीटीआई लगातार इसका विरोध करती रही है. अब यहां के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने इसका बचाव किया है और पीटीआई पर मामले के राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने बुधवार को मिलिट्री कोर्ट्स द्वारा नागिरकों की सुनवाई के समर्थन में बयान दिया. उन्होंने इसे राष्ट्र रक्षा संस्थानों पर हमलों के मामलों को निपटाने के लिए सक्षम बताया. तराड़ ने विपक्षी दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता इमरान खान से अपील की कि वे मामले का राजनीतिकरण न करें.
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ब किसी रक्षा संस्था पर हमला होता है तो...
मीडिया से बातचीत में सूचना मंत्री ने कहा, "जब किसी रक्षा संस्था पर हमला होता है या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है कि वे दोषियों को पकड़ें. जैसे रेलवे पुलिस रेलवे परिसर में अपराधों को संभालती है, वैसे ही सेना अदालतें सैन्य संपत्तियों पर हमलों से जुड़े अपराधों की सुनवाई करती हैं."
तराड़ ने इमरान खान की पार्टी पर आरोप लगाया कि वे मिलिट्री कोर्ट को विवाद खड़ा करने का साधन बना रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलिट्री कोर्ट्स सिर्फ डिफेंस इंस्टीट्यूशन पर हमलों से संबंधित मामलों की सुनवाई करती हैं, जैसे लाहौर में कोर कमांडर हाउस पर हमले का मामला शामिल है.

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