
मिर्गी के दौरों से परेशान थी ये हसीना, सेट पर आमिर खान ने दिया साथ, सालों बाद छलका दर्द
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फातिमा सना शेख ने बताया कि 'दंगल' की शूटिंग के दौरान उन्हें मिर्गी के दौरे पड़े थे और उन्हें दवाओं के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. जिसके बाद वे सामान्य रूप से काम नहीं कर पाती थीं.
बॉलीवुड एक्ट्रेस फातिमा सना शेख जिन्हें अपनी पहली बड़ी पहचान 'दंगल' (2016) से मिली थी. उन्होंने हाल ही में न्यूरोलॉजिकल बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कई बार मिर्गी (epilepsy) के साथ अपनी लड़ाई के बारे में खुलकर बात की है.
हाल ही में हुई एक बातचीत में एक्ट्रेस ने याद किया कि सेट पर उन्हें मिर्गी के दौरे (seizure) का सामना करना पड़ा था और कैसे उनके को-स्टार आमिर खान और सान्या मल्होत्रा साथ ही क्रू ने उस मुश्किल घड़ी में उनका साथ दिया.
'दंगल' के सेट पर आया दौरा सोहा अली खान के पॉडकास्ट पर बात करते हुए फातिमा ने बताया कि यह घटना अचानक तब हुई जब वह सेट पर थीं, जिससे उनके आस-पास मौजूद लोग समझ ही नहीं पा रहे थे कि आखिर हो क्या रहा है.
एक्ट्रेस ने कहा, 'यह आया, और मैंने कहा, 'नहीं, नहीं, कुछ नहीं, ठीक हो जाएगा.' लेकिन फिर यह बढ़ता गया, बढ़ता गया. जो भी मेरे आस-पास था, मैंने उनसे कहा कि मुझे दौरा पड़ने वाला है. किसी को पता ही नहीं था कि यह क्या है. मुझे भी नहीं पता था कि यह क्या है और खुशकिस्मती से आमिर खान वहां थे, सान्या मल्होत्रा थीं, कृपा शंकर बिश्नोई, जो हमें ट्रेनिंग दे रहे थे, वह भी वहां थे... और उन्होंने तुरंत गूगल किया, उन्हें जवाब मिले, उन लोगों ने मुझे एक तरफ लिटाया, और जो भी जरूरी था, वह किया. और फिर आखिरकार, मुझे लगता है कि एक प्रोडक्शन हाउस के तौर पर, उन्होंने यह पता लगाने की जिम्मेदारी खुद उठाई कि यह क्या है, क्योंकि मुझ पर बहुत कुछ निर्भर था—पूरी की पूरी फिल्म.'
मेडिकल जांच और दवाओं से जुड़ी मुश्किलें इस घटना के बाद फातिमा ने बताया कि उन्हें मेडिकल जांच के लिए डॉक्टर के पास ले जाया गया, जिसमें MRI और EEG जैसे टेस्ट शामिल थे. बाद में उन्हें मुंबई के एक न्यूरोलॉजिस्ट के पास भेजा गया और इस समस्या को कंट्रोल करने के लिए दवाएं दी गईं.
हालांकि, उन्होंने बताया कि दवाओं की डोज बहुत ज्यादा थी, जिसकी वजह से उनके लिए रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो गया था. एक्ट्रेस के मुताबिक, उन्हें चक्कर आने जैसा महसूस होता था, सीधे चलने में दिक्कत होती थी, और उनके मूड में भी अचानक और तेजी से बदलाव आते थे. उन्होंने बताया कि उन्हें उदासी, गुस्सा और अपने आस-पास की दुनिया से कटा हुआ महसूस होता था.













