
मालदीव ने मानी गलती! विदेश मंत्री मूसा ने PM मोदी की आलोचना पर कहा- 'ऐसा दोबारा नहीं...'
AajTak
मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कहा कि हमारी सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि ऐसी गलती भविष्य में दोबारा नहीं हो. इस साल जनवरी में मालदीव के तीन मंत्रियों ने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तल्खी आ गई थी.
मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर (Moosa Zameer) का भारत दौरा चर्चा में बना हुआ है. इस दौरे पर उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से द्विपक्षीय मामलों पर मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मालदीव के तीन मंत्रियों की ओर से की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर भी सफाई दी.
मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कहा कि आपने देखा होगा कि हमने तभी कहा था कि ये सरकार का रुख नहीं है और हमारा मानना था कि ऐसा नहीं होना चाहिए था. सोशल मीडिया पर इसे लेकर गलतफहमी फैलाई गई. मालदीव और भारत की सरकारें समझती हैं कि क्या हुआ था और अब हम उससे काफी आगे बढ़ गए हैं.
मूसा जमीर ने हमारी सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि ऐसी गलती भविष्य में दोबारा नहीं हो. बता दें कि इस साल जनवरी में मालदीव के तीन मंत्रियों ने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तल्खी आ गई थी. हालांकि, इन तीनों मत्रियों को मालदीव सरकार ने सस्पेंड कर दिया था.
इससे पहले मालदीव के पर्यटन मंत्री ने भारतीय पर्यटकों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में मालदीव आने को कहा था.
मालदीव के पर्यटन मंत्री ने क्या कहा था?
मालदीव के पर्यटन मंत्री इब्राहिम फैजल ने हाल ही में कहा था कि हमारी सरकार भारत के साथ मिलकर काम करना चाहती है. हमारे लोग और हमारी सरकार मालदीव आने वाले भारतीयों का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे. मैं पर्यटन मंत्री के रूप में भारतीयों से कहना चाहता हूं कि आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में मालदीव आएं. हमारी अर्थव्यवस्था दरअसल पर्यटन पर ही निर्भर है.

भारत की विदेश नीति में राजनयिक तंत्र और राजनीतिक दबाव के बीच अंतर दिख रहा है. बांग्लादेश के साथ रिश्तों में नरमी के संकेत मिलने के बाद भी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने का फैसला विवादित रहा है. इस फैसले के बाद बांग्लादेश ने भी कह दिया है कि वो टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा.

अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चितकालीन रोक लगाकर सख्ती बढ़ा दी है. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान-बांग्लादेश के साथ कुवैत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी शामिल हैं. इस फैसले ने मानदंडों को लेकर विशेषज्ञों और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी अधिकारियों के हाथों इस नागरिक की जान गई है. कनाडा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी शासन की निंदा की है और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने की मांग की है.









