
'मारो इसे छोड़ना मत, मारकर ही निकलना' 6 लोगों ने ऐसे किया था पड़ोसी का कत्ल, अब मिली उम्रकैद की सजा
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क्राइम कथा में आपको बताने जा रहे हैं दिल्ली के एक ऐसे परिवार की खौफनाक कहानी, जिसके सभी पुरुष सदस्यों ने मिलकर ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया कि लोगों का कलेजा बैठ गया था.
कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनके लिए किसी दूसरे इंसान की कोई कीमत ही नहीं होती. उनके अंदर ना तो जज़्बात होते हैं और ना ही इंसानियत. ऐसे लोग अगर किसी से दुश्मनी मान लें तो वो अपना भला बुरा भी नहीं सोचते बस जुर्म करने पर उतारू रहते हैं. आज क्राइम कथा में आपको बताने जा रहे हैं दिल्ली के एक ऐसे ही परिवार की खौफनाक कहानी, जिसके सभी पुरुष सदस्यों ने मिलकर ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया कि लोगों का कलेजा बैठ गया था. अदालत ने अब 9 साल बाद उन सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है.
साल 2013, न्यू मॉर्डन शाहदरा, दिल्ली 35 साल का इब्राहिम अपने परिवार के साथ गली नंबर 10 के प्लॉट संख्या बी-105 में रहता था. साल 2009 में उसने ज़ारा के साथ घरवालों की रजामंदी से लव मैरिज की थी. अब उसका ढाई साल का एक बेटा था. बाकी भरापूरा परिवार था. वे कुल मिलाकर 8 भाई बहन थे. जिसमें 4 भाई और 4 बहनें शामिल हैं. इब्राहिम ने वहीं घर के पास गली के नुक्कड़ पर एक दुकान बना रखी थी. वहीं से उसका काम-धाम चलता था. बाकी उसके भाई अलग काम करते थे.
गली का दबंग परिवार इब्राहिम के पड़ोस में एक दूसरा परिवार रहता था. जिसके मुखिया का नाम था इजराइल पहलवान. ये परिवार जब से उस इलाके में रहने आया था, तभी से दबंगई करने लगे थे. इजराइल पहलवान के 4 बेटे थे. जावेद, आबिद, आरिफ और तारिफ. उनकी एक बेटी भी थी. इजराइल का परिवार आए दिन इब्राहिम या दूसरे पड़ोसियों से छोटी-छोटी बातों पर उलझता रहता था. कभी पार्किंग को लेकर तो रास्ते को लेकर. इब्राहिम और इजराइल के घर के बीच महज एक दीवार थी. इलाके में इजराइल पहलवान का आतंक इस कदर था कि साल 2004-2005 के बीच गली नंबर 10 में ही इजराइल पहलवान और उसके बेटों ने मिलकर एक खाने का होटल चलाने वाले शख्स को मामूली विवाद के बाद जमकर पीटा था. वो शख्स इतना डर गया था कि दुकान छोड़कर ही चला गया था.
21 अप्रैल 2013 ये वो दिन था जब गली के दबंग इजराइल पहलवान के बेटे आबिद की सगाई हो रही थी. सुबह से ही उसके घर में लोगों का आना जाना लगा हुआ था. उनके घर में रात का समारोह था. लिहाजा गली में ही इजराइल ने टेंट लगवा दिया. मगर टेंट लगवाते समय उन्होंने इब्राहिम के घर का दरवाजा पूरी तरह से बंद कर दिया. ये देखकर इब्राहिम किसी तरह से बाहर आया और इजराइल से टेंट को उसके दरवाजे से हटाने के लिए कहा ताकि घर में आने-जाने में दिक्कत ना हो. इस पर इजराइल ने ना नुकुर करने के बाद टेंट को दरवाजे से थोड़ा हटवाकर लगवा दिया. बात वहीं खत्म हो गई.
22 अप्रैल 2013 इजराइल पहलवान के घर में चल रहा सगाई समारोह देर रात खत्म हो चुका था. रात के 12 बज चुके थे. तारीख बदल चुकी थी. उन दिनों आईपीएल के मैच चल रहे थे. उस दिन भी मैच था. इब्राहिम अपनी दुकान पर उस वक्त टीवी पर आईपीएल मैच देख रहा था. उसके साथ उसका छोटा भाई ताहिर, चाचा उमर नौमान और जिगरी दोस्त योगेंद्र कसाना भी वहीं बैठकर मैच देख रहे थे. चारों पूरी तरह से मैच देखने में मशगूल थे.
इब्राहिम को टारगेट बनाकर हमला तभी करीब सवा 12 बजे इजराइल पहलवान अपने बेटों और दामाद गुफरान के साथ इब्राहिम की दुकान पर जा पहुंचे. वो सभी हथियारों से लैस थे. इजराइल के पास लाठी थी. जावेद और आबिद के हाथों में तेजधार चाकू थे. तारिफ और गुफरान ने हाथों में विकेट थाम रखे थे. जबकि आरिफ के पास पिस्टल थी. इससे पहले कि इब्राहिम और वहां मौजूद उसका भाई, चाचा और दोस्त कुछ समझ पाते, इजराइल के हथियारबंद परिवार ने उन पर हमला कर दिया. उनका टारगेट इब्राहिम ही था.

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