
माथे पर लगाई जाने वाली बिंदी पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर क्यों छाई, जानिए वजह
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सोनम ने ट्वीट में लिखा, 'मुझे हाल में एक पाकिस्तानी पत्रकार से पता चला कि आप को इस्लामाबाद में बिंदी नहीं मिल सकती, इसके बाद मैंने रियाद में एक दोस्त से बात की, जिसने कहा कि वहां (रियाद) में हर तरह की बिंदी मिल जाएगी.'
माथे पर लगाई जाने वाली बिंदी इन दिनों पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर छाई हुई है. दरअसल, ये मुद्दा भारत की एक एनालिस्ट के ट्वीट के बाद उठा. सोनम महाजन नाम की इस एनालिस्ट ने अपने ट्वीट में कहा था कि लगता है इस्लामाबाद के बाजार में बिंदी उपलब्ध नहीं है. I recently learnt from a Pakistani journalist that you don’t find bindis in Islamabad and then, I spoke to a friend living in Riyadh and she told me that you get all types of Bindis there. Can’t tell whether to laugh at Pakistan’s social fabric or to cry at its bigotry. Ever heard of supply and demand? No one wears bindis in Islamabad BUT you can still find them if you look properly. Your Pakistani journalist friend doesn’t know because she ain’t looking for them. Simple! rubbish! just saw a vlog by luke damant visiting a jewelry stall in jinnah market, islamabad, selling bindis. they’re easily available, but not common because v few women in pakistan wear them. most of pakistan’s hindu population is in sindh where they’re more readily available. Bindi? pic.twitter.com/DMwJWYj7ef
अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चितकालीन रोक लगाकर सख्ती बढ़ा दी है. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान-बांग्लादेश के साथ कुवैत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी शामिल हैं. इस फैसले ने मानदंडों को लेकर विशेषज्ञों और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी अधिकारियों के हाथों इस नागरिक की जान गई है. कनाडा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी शासन की निंदा की है और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने की मांग की है.

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अमेरिका ने कैरिबियन सागर में वेनेजुएला-संबंधित तेल टैंकर Veronica को जब्त कर लिया है, जो पिछले कुछ हफ्तों में छठा लक्ष्य बना है. यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रम्प और विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो के बैठक से पहले हुई. अमेरिकी सेना का कहना है कि टैंकर प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था और अब सिर्फ कानूनी रूप से तेल ही निकलेगा.

क्या अगले 24 घंटे में अमेरिका ईरान पर हमला करेगा. इस वीडियो में जानिए क्यों अमेरिका ने ईरान के आसपास अपने सैन्य युद्ध के घेरा को मजबूत करना शुरू कर दिया है. मध्य-पूर्व में एक बड़े सैन्य टकराव की संभावना बन रही है. इस दौरान अमेरिका के युद्ध के पांच बड़े संकेत देखने को मिल रहे हैं. इनमें प्रमुख हैं टैंकर विमानों की उड़ानें, ईरान का बंद एयरस्पेस और मिलिट्री अलर्ट, USS अब्राहम लिंकन बेड़े की युद्घ स्थल की ओर बढ़ती हलचल, अल उदीद एयरबेस पर सैनिकों की तैनाती में बदलाव, और ट्रंप द्वारा ईरान पर तेज हमला करने की इच्छा.







