महिला आरक्षण बिल पास, फारूक अब्दुल्ला ने बताया ऐतिहासिक दिन, शशि थरूर ने जताई चिंता
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पीएम नरेंद्र मोदी ने बिल का समर्थन करने के लिए सभी पार्टियों के सांसदों को धन्यवाद किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "इस अभूतपूर्व समर्थन के साथ लोकसभा में संविधान (128वां संशोधन) विधेयक, 2023 पारित होने पर खुशी हुई. मैं सभी पार्टियों के सांसदों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस विधेयक के समर्थन में मतदान किया. "
महिला आरक्षण बिल दो दिन की चर्चा के बुधवार शाम को लोकसभा में पास हो गया. नई संसद में पर्ची के जरिए हुए मतदान में बिल के पक्ष में 454 वोट पड़े तो वहीं दो वोट विरोध में भी डाले गए. इससे पहले सदन में राहुल गांधी और अमित शाह एक-दूसरे पर निशाना साधते नजर आए. अब इस बिल के पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विपक्षी पार्टियों के नेताओं तक के बयान भी सामने आने लगे हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी ने बिल का समर्थन करने के लिए सभी पार्टियों के सांसदों को धन्यवाद किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "इस अभूतपूर्व समर्थन के साथ लोकसभा में संविधान (128वां संशोधन) विधेयक, 2023 पारित होने पर खुशी हुई. मैं सभी पार्टियों के सांसदों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस विधेयक के समर्थन में मतदान किया. नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कानून है जो महिला सशक्तिकरण को और बढ़ावा देगा और हमारी राजनीतिक प्रक्रिया में महिलाओं की और भी अधिक भागीदारी को सक्षम करेगा."
गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, "यह हमारे देश के लिए एक ऐतिहासिक छलांग है क्योंकि लोकसभा ने आज 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित कर दिया है. पीएम मोदी द्वारा परिकल्पित विधेयक न केवल महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा बल्कि न्यायसंगत और लिंग-समावेशी को भी बढ़ावा देगा. हमारे देश में विकास. यह एक बार फिर महिलाओं के नेतृत्व वाले शासन के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराता है."
वहीं फारूख अबदुल्ला ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया. उन्होंने कहा कि बिल पास हो गया. यह बहुत ऐतिहासिक दिन है. महिलाएं संसद में आएंगी और देश को मजबूत करेंगी.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "यह अच्छा है कि बिल पास हो गया लेकिन हमें चिंता है, परिसीमन और जनगणना के संदर्भ के कारण यह थोड़ा झुमला है, इसमें से कुछ भी निर्धारित नहीं किया गया है, जिससे यह बहुत अस्पष्ट हो जाता है कि यह (बिल) वास्तव में कब लागू किया जाएगा."
बिल का विरोध करने वाले AIMIM सांसद असदुद्दीन औवेसी ने कहा, "4 ऐसी लोकसभाएं रही हैं, जहां कोई मुस्लिम महिला सांसद नहीं थीं. हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए."

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