महाराष्ट्र: बकरीद से पहले सोसायटी में बकरा लाने पर हंगामा, 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
AajTak
मामला मीरा रोड स्थित एक प्राइवेट हाउसिंग कॉलोनी का है. यहां रहने वाला दंपती बकरीद से पहले अपने घर एक बकरा लेकर आया था. सोसायटी के अन्य लोगों ने इसका विरोध किया और बकरे को सोसायटी के अंदर नहीं लाने दिया. आरोप है कि उन्होंने इस दौरान जमकर हंगामा भी काटा.
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सोसायटी में बकरीद से पहले घर पर बकरा लाने को लेकर विवाद हो गया. सोसायटी में मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया और कथित रूप से मारपीट भी की गई. मामला बढ़ता देख इसकी सूचना पुलिस को दी गई. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया. साथ ही पुलिस ने बकरा लेकर आए दंपती की शिकायत पर 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
दरअसल, मामला मीरा रोड स्थित एक प्राइवेट हाउसिंग कॉलोनी का है. यहां रहने वाला दंपती बकरीद से पहले अपने घर एक बकरा लेकर आया था. सोसायटी के अन्य लोगों ने इसका विरोध किया और बकरे को सोसायटी के अंदर नहीं लाने दिया. आरोप है कि उन्होंने इस दौरान जमकर हंगामा भी काटा.
दंपती मोहसिन खान और यास्मीन खान ने बताया कि अगर बकरों को हाउसिंग कॉलोनी के अंदर लाना कानून के खिलाफ था, तो उन्हें हमारे खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज करनी चाहिए थी. हम सिर्फ बकरा यहां पर रखने वाले थे, जबकि उसके कुर्बानी कहीं और होनी थी.
उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे खिलाफ विरोध करने के लिए इकट्ठा हुई भीड़ द्वारा हमारे साथ मारपीट की गई, छेड़छाड़ की गई और मानसिक रूप से परेशान किया गया." पुलिस ने दंपती द्वारा लिखित शिकायत दिए जाने पर आईपीसी की धार 143,147,149,354,323,504,506,341 के तहत 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








