
महाराष्ट्र: नांदेड़ मौत मामले पर सीएम शिंदे का बयान- विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
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नांदेड़ में शंकरराव चव्हाण सरकारी अस्पताल में बीते 24 घंटे में 31 लोगों की मौत हो चुकी है. मृतकों में 15 बच्चे और 16 वयस्क लोग शामिल हैं. महाराष्ट्र के सभी सरकारी अस्पतालों में हाफकीन्स कंपनी के द्वारा दवा की सप्लाई की जाती है. यह सप्लाई कुछ दिनों से बंद है.
महाराष्ट्र के नांदेड़ के एक सरकारी अस्पताल में दो दिन के भीतर 31 लोगों की मौत हो गई है. जिसमें 15 बच्चे भी शामिल हैं. नांदेड़ मौत मामले पर सीएम एकनाथ शिंदे का कहना है कि हम विस्तृत जांच करेंगे और फिर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे.
एकनाथ शिंदे ने कहा कि संबंधित मंत्री और अधिकारी सरकारी अस्पताल का दौरा करने के लिए नांदेड़ जा रहे हैं. हमने स्थिति का जायजा लिया, दवा की कोई कमी नहीं है. वहां करीब 127 तरह की दवाइयां उपलब्ध हैं. हम पहले ही 12 करोड़ की दवा खरीदने की अनुमति दे चुके हैं. दवा का पर्याप्त भंडार था. स्टाफ और डॉक्टर भी अच्छी संख्या में उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि हम घटना की जांच कराएंगे. और रिपोर्ट के बाद हम कार्रवाई करेंगे. सरकार ने इसे काफी गंभीरता से लिया है. आरोप है कि अस्पताल में दवाई की कमी इन मौतों की वजह है. वही अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज यहां आखिरी वक्त में आते हैं, इसलिए ये मौत हुई हैं. सीएम ने कहा कि मैं हर चीज पर टिप्पणी नहीं करना चाहता. लेकिन कुछ वृद्ध लोगों को प्रवेश दिया गया. एक तो आकस्मिक मामला था और कुछ नवजात शिशु समय से पहले पैदा हुए थे. यह जांच रिपोर्ट में आएगा. लेकिन हमने इसे गंभीरता से लिया है और मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम विस्तृत जांच करेंगे और फिर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे.
बता दें कि नांदेड़ में शंकरराव चव्हाण सरकारी अस्पताल में बीते 24 घंटे में 31 लोगों की मौत हो चुकी है. मृतकों में 15 बच्चे और 16 वयस्क लोग शामिल हैं. महाराष्ट्र के सभी सरकारी अस्पतालों में हाफकीन्स कंपनी के द्वारा दवा की सप्लाई की जाती है. यह सप्लाई कुछ दिनों से बंद है. अब अस्पताल में 31 लोगों की मौत के बाद सरकार ने जांच कमेटी का गठन किया है. ये कमेटी मौत के कारणों की जांच कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.
कांग्रेस ने कहा, जांच हो इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने कहा, खबर मिलते ही मैं तुरंत अस्पताल पहुंचा. अब तक इतने लोगों की मृत्य हो चुकी है. इस घटना को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए और इसकी जांच होनी चाहिए. अस्पताल में दवाई उपलब्ध नहीं है और कई मरीज गंभीर है. हम सरकार से मरीजों को पूरी सुविधा दिए जाने की मांग करते हैं.

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