महाराष्ट्र: नया धर्मांतरण कानून आस्था को नियंत्रित नहीं, भीड़ को ताकत देता है
The Quint
maharashtra new conversion law: कर्ज में डूबा महाराष्ट्र और किसानों की खुदकुशी, लेकिन प्राथमिकता में 'लव जिहाद'? जानिए कैसे नया कानून निजी आजादी को छीनकर भीड़ के हाथों में फैसला सौंप रहा है.
पिछले साल अगस्त तक सुलेमान पठान, महाराष्ट्र के जामनेर कस्बे में अपने गांव का 'पोस्टर बॉय' हुआ करता था. वह अपने माता-पिता का एक आदर्श बेटा और गांव में गणपति उत्सव आयोजित करने वाली कमेटी का मुखिया था. दोस्तों और अनजानों, सबकी मदद के लिए वह हमेशा खड़ा रहता था और उसका सपना पुलिस फोर्स में शामिल होने का था.
लेकिन 11 अगस्त को सब कुछ बदल गया. कथित तौर पर एक भीड़ ने सुलेमान की पीट-पीटकर हत्या (Lynching) कर दी. हैरानी की बात यह है कि उस भीड़ में उसके कुछ सबसे करीबी दोस्त भी शामिल थे. वे सुलेमान की एक हिंदू नाबालिग लड़की से दोस्ती को लेकर गुस्से में थे.
उन्होंने इसे 'लव जिहाद' का नाम दिया, एक ऐसी थ्योरी जिसका कोई सबूत तो नहीं है, लेकिन हिंदू वर्चस्ववादी समूहों के बीच यह काफी लोकप्रिय है. इस थ्योरी के मुताबिक, मुस्लिम पुरुष हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं. भीड़ ने सुलेमान का अपहरण किया, उसे निर्वस्त्र किया और पांच घंटे से ज्यादा समय तक उसके साथ मारपीट की.






