
ओम बिरला के लोकसभा कार्यकाल में 20 साल में सबसे ज्यादा निलंबन, सभी विपक्षी सांसद
The Quint
जानिए कैसे स्पीकर ओम बिरला के कार्यकाल में सांसदों के निलंबन में एक ऐसी बढ़ोतरी हुई जो पहले नहीं देखी गई। 2023 के विंटर सेशन के दौरान महज एक हफ्ते के भीतर 100 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया, जो भारत के संसदीय इतिहास का सबसे बड़ा 'सामूहिक निलंबन' है.
दिसंबर 2023 में लोकसभा में कुछ ऐसा हुआ जो पहले कभी नहीं देखा गया था.
स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा के नियम 374A के तहत ये कार्रवाई की थी. भारत के संसदीय इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा 'सामूहिक निलंबन' था.
साल 2001 में लागू हुए इस नियम के मुताबिक, अगर कोई सांसद सदन की कार्यवाही में 'भारी बाधा' डालता है (जैसे वेल में आना, नारेबाजी करना या काम रोकना), तो स्पीकर उन्हें सीधे सस्पेंड कर सकते हैं. इसके तहत सांसद को लगातार 5 बैठकों या पूरे सत्र के बचे हुए समय के लिए बाहर किया जा सकता है. खास बात ये है कि इसके लिए सदन में कोई प्रस्ताव लाने की जरूरत नहीं होती, स्पीकर खुद फैसला ले सकते हैं.
