
‘घर बनाओ या मुआवजा दो’: नागपुर दंगों के एक साल बाद,HC में 'बुलडोजर एक्शन' ध्वस्त
The Quint
Nagpur Riots Bulldozer Action: नागपुर दंगों के एक साल बीत जाने के बाद भी फहीम खान का परिवार 'बुलडोजर कार्रवाई' के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है. कोर्ट ने नगर निगम से साफ पूछा है कि क्या वे उस घर को फिर से बनाएंगे या परिवार को इसका मुआवजा देंगे?
नागपुर के यशोधरा नगर की एक संकरी और धूल भरी गली में आज भी दो मंजिला मकान का मलबा बिखरा पड़ा है. नागपुर नगर निगम (NMC) ने साल भर पहले इस घर को ढहा दिया था, जो आज भी उस वाकये की कड़वी याद दिलाता है.
यह घर फहीम शमीम खान के माता-पिता का था. फहीम पर पिछले साल 17 मार्च को शिवाजी जयंती के दौरान नागपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा का मुख्य आरोपी होने का आरोप है.
उस वक्त फहीम 'माइनॉरिटीज डेमोक्रेटिक पार्टी' (MDP) के नेता थे. दंगों को भड़काने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया और उन पर कड़ा कानून UAPA लगाया गया. उनकी गिरफ्तारी के ठीक एक हफ्ते बाद, रविवार की एक सुबह नगर निगम का नोटिस उनके बुजुर्ग माता-पिता के हाथ में थमा दिया गया, जो उस घर में परिवार के बाकी सदस्यों के साथ रहते थे.





