
महाराष्ट्र: उद्धव गुट को बड़ा झटका, संजय राउत के कट्टर समर्थक रहे भाऊसाहेब शिंदे गुट में शामिल
AajTak
उद्धव गुट को एक बार फिर झटका लगा है. संजय राउत के समर्थक रहे भाऊसाहेब चौधरी ने शिंदे गुट का दामन थाम लिया है. उद्धव गुट में रहते हुए भाऊसाहेब शिवसेना शाखा प्रमुख, विभाग प्रमुख, शहर प्रमुख, परिवहन अध्यक्ष जैसे दायित्व संभाल चुके हैं. इसके बाद उन्हें नासिक जिला संपर्क प्रमुख की जिम्मेदारी दे दी गई थी.
महाराष्ट्र में शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है. कभी शिवसेना सांसद संजय राऊत के कट्टर समर्थक रहे नासिक जिले के संपर्क प्रमुख भाऊसाहेब चौधरी ने शिंदे गुट का दामन थाम लिया है. शुक्रवार को शिंदे गुट में शामिल होने के बाद ठाणे के डोंबिवली में उनका जोरदार स्वागत किया गया. शिंदे गुट की सदस्यता लेने के बाद भाऊसाहेब ने कहा कि उन्होंने कभी किसी पद के लिए काम नहीं किया.
शिवरेना का शिंदे गुट ज्वाइन करने के बाद भाऊसाहेब ने कहा कि वे शिवसेना पार्टी प्रमुख बालासाहेब और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विचारों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे. बता दें कि शिवसेना के उद्धव गुट ने भाऊसाहेब पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उन्हें पहले ही पार्टी से बाहर निकाल दिया था.
शिंदे गुट में शामिल होने के बाद भाऊसाहेब शुक्रवार शाम डोंबिवली में पार्टी के कार्यालय पहुंचे, जहां उनका फूलों की वर्षा और बेंजो की आवाज के साथ स्वागत किया गया. उन्होंने अपनी भूमिका के बारे में बताते हुए कहा कि वह पार्टी से मिलने वाली जिम्मेदारी को संभालेंगे.
इस दौरान उनसे इस अवसर पर मौजूद महेश पाटिल के साथ विरोध प्रदर्शन में लगे आरोप-प्रत्यारोप पर सवाल पूछा गया. इस पर उन्होंने कहा कि महेश पाटिल उनके मित्र हैं. दोनों को उस समय अपनी-अपनी पार्टी के लिए जो सही लगा, उन्होंने किया लेकिन अब दोनों एक ही पार्टी में हैं और पार्टी के लिए जो सही होगा और मुख्यमंत्री जो आदेश देंगे वह करेंगे.
बता दें कि उद्धव गुट में रहते हुए भाऊसाहेब शिवसेना शाखा प्रमुख, विभाग प्रमुख, शहर प्रमुख, परिवहन अध्यक्ष जैसे दायित्व संभाल चुके हैं. इसके बाद उन्हें नासिक जिला संपर्क प्रमुख की जिम्मेदारी दे दी गई थी. तब से ही उनका झुकाव नासिक की तरफ ज्यादा हो गया था. कुछ साल पहले भाऊसाहेब चौधरी ने बीजेपी नेता रावसाहेब दानवे का विरोध किया था, तब वह शिवसेना उद्धव गुट के शहर प्रमुख थे. लेकिन उस समय के राजनीतिक कट्टर विरोधी अब मित्र बन गए हैं.
भाऊसाबेह की सदस्यता के मौके पर मौजूद महेश पाटिल ने भाऊसाहेब का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि वे आज भी शिवसेना के लिए काम कर रहे हैं और शिवसेना पार्टी प्रमुख बालासाहेब और मुख्यमंत्री एकनाथ के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने खुद को जमीनी कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस सरकार में कई वर्षों से रुके हुए कार्यों को तेजी से किया जा रहा है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









