
मंदिर-मस्जिदों को लेकर दाखिल मुकदमों की प्रक्रिया पर लगे रोक... सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
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सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में केंद्र सरकार के साथ साथ यूपी समेत चार राज्यों को पक्षकार बनाया गया है. इनमें उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात भी शामिल हैं. याचिकाकर्ताओं आलोक शर्मा और प्रिया मिश्रा के वकील नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि इस याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार सुप्रीम कोर्ट से लगाई जाएगी.
अजमेर की दरगाह, धार की भोजशाला, संभल की जामा मस्जिद, मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि- ईदगाह मस्जिद और काशी में ज्ञानवापी समेत देश भर में दाखिल मुकदमों की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है.
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में केंद्र सरकार के साथ साथ यूपी समेत चार राज्यों को पक्षकार बनाया गया है. इनमें उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात भी शामिल हैं. याचिकाकर्ताओं आलोक शर्मा और प्रिया मिश्रा के वकील नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि इस याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार सुप्रीम कोर्ट से लगाई जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में प्लेसेज ऑफ़ वरशिप एक्ट 1991 का पालन किए जाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. इस याचिका में राज्यों को अदालतों से दिए गए सर्वे के आदेशों से प्लेसेज ऑफ़ वरशिप एक्ट के उल्लंघन का हवाला देते हुए उनका पालन न करने का निर्देश जारी करने कि भी गुहार लगाई गई है.
इस याचिका में कहा गया है कि देश भर में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 19 दिसंबर, 2023 के आदेश के बाद से धार्मिक स्थलों के चरित्र का पता लगाने को लेकर विभिन्न सिविल कोर्ट में दाखिल मामलों से माहौल खराब हो रहा है.

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