
मंत्र और बधाई गीतों से गूंजेगी अयोध्या, श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर होंगे विशेष आयोजन
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अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर समेत पांच स्थानों पर विशेष आयोजन होंगे. इनमें यज्ञशाला, श्री राम मंदिर परिसर, यात्री सुविधा केंद्र, अंगद टीला और अन्य स्थान शामिल हैं. यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक समागम के साथ भक्ति और उल्लास का अद्वितीय अवसर होगा. अयोध्या एक बार फिर रामभक्तों की आस्था और उल्लास से गूंज उठेगी.
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के एक वर्ष पूरा होने पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. यह आयोजन 11 जनवरी 2024 से शुरू होकर 13 जनवरी तक चलेगा. कार्यक्रम का स्वरूप प्राण प्रतिष्ठा समारोह जैसा ही रहेगा, जिसमें विशिष्ट अतिथियों, देशभर के बड़े संतों, प्रतिष्ठित हस्तियों और गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, "हमने उन संतों और गृहस्थों की सूची बनाई है, जो पिछले वर्ष कार्यक्रम में नहीं आ सके थे. इस बार उन्हें आमंत्रित किया जाएगा. यज्ञशाला और मंदिर परिसर में केवल आमंत्रित लोग ही शामिल हो सकेंगे."
इस दौरान अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर समेत पांच स्थानों पर विशेष आयोजन होंगे. इनमें यज्ञशाला, श्री राम मंदिर परिसर, यात्री सुविधा केंद्र, अंगद टीला और अन्य स्थान शामिल हैं. यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक समागम के साथ भक्ति और उल्लास का अद्वितीय अवसर होगा. अयोध्या एक बार फिर रामभक्तों की आस्था और उल्लास से गूंज उठेगी.
मुख्य कार्यक्रम और नियम यज्ञशाला और मंदिर परिसर: इन स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों में केवल आमंत्रित अतिथि ही शामिल हो सकेंगे. अनुष्ठान और मंत्रोच्चार: शुक्ल यजुर्वेद के 1975 मंत्रों के साथ अग्नि देवता को आहुति दी जाएगी. 11 वैदिक आचार्य तीन दिन तक यह अनुष्ठान पूर्ण करेंगे. रामलला के बधाई गीत और प्रवचन: प्रतिदिन सुबह से रात 9:30 बजे तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. सांस्कृतिक कार्यक्रम: अंगद टीला पर दोपहर और शाम को राम कथा, प्रवचन, और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी.
आमंत्रण और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि इस बार उन संतों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा, जो पिछले वर्ष प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके थे. 50 प्रतिष्ठित परिवारों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और अन्य बड़े संगठनों के शीर्ष नेता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे.

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