
भिंडरावाले की तरह अपनी फोेर्स खड़ी कर रहा था अमृतपाल, अब परिवार को सता रहा एनकाउंटर का डर
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खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के गांव जल्लूपुर खेड़ा में अब सन्नाटा पसरा है. ये गांव अमृतपाल के 'वारिस पंजाब दे' का प्रमुख बनने के बाद सुर्खियों में आया था. अमृतपाल भिंडरावाले के नक्शेकदम पर आगे बढ़ रहा था. वो भिंडरावाले टाइगर फोर्स जैसा एक संगठन खड़ा कर रहा था. इसका नाम उसने आनंदपुर खालसा फौज रखा था. अमृतपाल भिंडरावाले की तरह अपनी प्राइवेट फौज के जरिए मनमानी का प्लान बना रहा था.
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की तलाश में पंजाब पुलिस लगातार दूसरे दिन छापेमारी करती रही. हालांकि, बड़ी सफलता हाथ नहीं लग सकी है. इस बीच, पुलिस ने चौंकाने वाले बड़े दावे जरूर किए हैं. पुलिस ने बताया कि अमृतपाल के पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा स्थित घर की तलाशी ली. अमृतपाल भिंडरावाले टाइगर फोर्स जैसा एक संगठन खड़ा कर रहा था. उसके घर से AKF मार्क वाली जैकेट्स बरामद हुई हैं. पुलिस ने AKF का मतलब आनंदपुर खालसा फोर्स बताया है. इतना ही नहीं, घर के गेट और दीवार पर भी AKF लिखा मिला है. वहीं, पिता ने दावा किया है कि पुलिस ने अमृतपाल को गिरफ्तार कर लिया है.
रविवार को पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा में छापा मारा और तलाश ली. यहां पर AKF मार्क वाली कुछ जैकेट बरामद कीं. अमृतपाल के घर के गेट पर भी स्टेंसिल से सफेद रंग से AKF लिखा पाया गया था. सामने वाली दीवार पर भी AKF लिखा मिला. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के डर से इधर-उधर भाग रहा अमृतपाल सिंह बड़ी साजिश रच रहा था. वो भिंडरावाले टाइगर फोर्स जैसा एक संगठन खड़ा कर रहा था. नाम था AKF जिसका मतलब है आनंदपुर खालसा फोर्स. ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
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गांव में पसरा सन्नाटा, कोई बात करने को तैयार नहीं
आखिर अमृतपाल सिंह 'वारिस पंजाब दे' संगठन के अलावा AKF नाम की प्राइवेट आर्मी क्यों तैयार करना चाहता था. पुलिस इस सिलसिले में गिरफ्तार किए गए उसके साथियों से भी पूछताछ कर रही है. 'वारिस पंजाब दे' का मुखिया बनने के बाद अमृतपाल का पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा सुर्खियों में आ गया था, लेकिन अब अमृतपाल और उसके साथियों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है. आजतक ने गांव के लोगों से इस बारे में बातचीत करनी चाही, लेकिन कोई बात करने के लिए तैयार नहीं हुआ.

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