
भारत की उपेक्षा करने के सवाल पर क्या बोले दिल्ली आए रूसी विदेश मंत्री
AajTak
रूस के विदेश मंत्री ने भारत-चीन के रिश्ते पर कहा कि हम दोनों पक्षों की सकारात्मक नजरिये की सराहना करते हैं. हम एक फ्रेकवर्क के तहत मल्टीलेट्रल संवाद को लेकर नई दिल्ली और बीजिंग के स्वतंत्र रूप से बातचीत करने के हिमायती हैं.
हाल के दिनों रूस और भारत के संबंधों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. कहा जा रहा है कि रूस और भारत अब एक दूसरे के लिए बहुत उपयोगी नहीं रह गए हैं. लेकिन दोनों देशों के रिश्तों का अतीत बहुत स्वर्णिम रहा है. चीन के कारण भारत को अमेरिका की तरफ देखना पड़ रहा है और ऐसे में रूस के साथ रिश्ते असहज हो जाते हैं. रूस के विदेश मंत्री लावरोव से सवाल पूछा गया, "रूस ने अफगानिस्तान में भारत के हितों और शांति प्रक्रिया में उसके प्रयासों को पहचाना है लेकिन फिर भी मॉस्को में हुई बैठक में भारत को शामिल नहीं किया गया. कई लोगों ने ये भी कयास लगाए कि रूस ने पाकिस्तान की वजह से भारत की उपेक्षा की. रूस अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया और हालात सामान्य करने की कोशिशों में भारत को किस भूमिका में देखता है?"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.











