
भारत आए मलेशियाई पीएम नहीं लौटे खाली हाथ, मोदी सरकार ने मान ली ये मांग
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मलेशिया के प्रधानमंत्री 19-21 अगस्त तक भारत दौरे पर थे. उनके इस दौरे के बीच भारत ने मलेशिया को बड़ी राहत दी है. भारत ने घोषणा की है कि मलेशिया को लाखों टन चावल भेजा जाएगा.
भारत चावल निर्यात पर लगे प्रतिबंध के बावजूद मलेशिया को दो लाख टन गैर-बासमती चावल का निर्यात करेगा. मलेशिया के प्लांटेशन और कमोडिटीज मंत्री दतुक सेरी जोहरी अब्दुल गनी ने चावल की आपूर्ति के लिए भारत से आग्रह किया था जिसके बाद भारत नेशनल कॉपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के जरिए मलेशिया को चावल बेचेगा.
भारत ने घरेलू बाजार में चावल की बढ़ती महंगाई को देखते हुए जुलाई 2023 में गैर-बासमती चावल निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक नॉटिफिकेशन जारी कर बताया कि प्रतिबंध के बावजूद मलेशिया को चावल का निर्यात किया जाएगा.
मलेशिया को चावल निर्यात की घोषणा जब की गई तो मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भारत में ही थे. इब्राहिम 19-21 अगस्त तक भारत के स्टेट विजिट पर थे जिस दौरान दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय समझौते हुए. भारत के प्रमुख चावल खरीददार को चावल की नई खेप से बड़ी राहत मिलेगी.
पिछले साल भी मलेशिया को निर्यात किया गया था चावल
भारत ने अक्टूबर 2023 में भी प्रतिबंध के बावजूद मलेशिया को चावल निर्यात किया था. 170,000 टन गैर-बासमती सफेद चावल मलेशिया को भेजा गया था.
भारत, मलेशिया के अलावा भी कई देशों को उनके अनुरोध पर निर्यात प्रतिबंध के बावजूद चावल भेजता रहा है. इनमें नेपाल, Cote d'lvoire, गिनी, फिलिपींस, सेशेल्स, यूएई, सिंगापुर, कोमोरोस, मेडागास्कर, मिस्र, केन्या और तंजानिया जैसे देश शामिल हैं.

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