
भतीजे अजित की हुई NCP, जानें- अब चाचा शरद पवार के पास क्या हैं विकल्प
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चुनाव आयोग के इस फैसले के साथ ही अजित पवार गुट को एनसीपी का चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया है. लेकिन ऐसे में सवाल ये है कि आयोग के इस फैसले के बाद अब शरद पवार के पास क्या विकल्प बचता है.
महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. चुनाव आयोग ने मंगलवार को शरद पवार गुट को झटका देते हुए अजित गुट को ही असली एनसीपी बताया. आयोग ने कहा है सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए अजित गुट ही असली एनसीपी है.
चुनाव आयोग के इस फैसले के साथ ही अजित पवार गुट को एनसीपी का चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया है. लेकिन ऐसे में सवाल ये है कि आयोग के इस फैसले के बाद अब शरद पवार के पास क्या विकल्प बचता है.
चुनाव आयोग ने फैसले में क्या कहा?
चुनाव आयोग ने शरद पवार बनाम अजित पवार गुट मामले में 147 पेजों का आदेश दिया है. इस आदेश में आयोग ने दोनों गुटों की तमाम बातों और सबूतों का विश्लेषण किया है. आयोग ने सभी दस्तावेजी सबूतों का विश्लेषण कर कहा है कि इससे स्पष्ट है कि अजित गुट का पार्टी और पार्टी के अलावा संगठन पर वर्चस्व है. उनके गुट के लोग ज्यादा भी हैं. इस वजह से पार्टी का नाम और निशान दोनों अजित गुट को दिए जाते हैं.
महाराष्ट्र से राज्यसभा की छह सीटों के चुनाव के मद्देनजर शरद पवार गुट को चुनाव आचरण नियम 1961 के नियम 39AA का पालन करने के लिए विशेष रियायत दी. उन्हें बुधवार शाम चार बजे तक नई पार्टी गठन के लिए तीन नाम देने को कहा गया है.
शरद पवार के पास आगे क्या विकल्प हैं?

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