
ब्रिटेन के नए विदेश मंत्री कैमरन से पहले ही दिन जयशंकर ने की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई बातचीत
AajTak
विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रिटेन के नए विदेश मंत्री के पद पर डेविड कैमरन की नियुक्ति के पहले ही दिन उनसे मुलाकात की. दोनों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को लेकर चर्चा हुई.
ब्रिटेन में सोमवार को बड़ा सियासी फेरबदल देखने को मिला. एक बयान को लेकर गृहमंत्री सुएल ब्रेवरमैन की बर्खास्तगी के बाद जेम्स क्लेवर्ली को नया गृहमंत्री नियुक्त किया गया. लेकिन ऋषि सुनक का जो फैसला सबसे अधिक चर्चा में रहा. वह देश के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की विदेश मंत्री पद पर नियुक्ति थी. उनकी नियुक्ति के बाद भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने उनसे लंदन में मुलाकात की.
विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रिटेन के नए विदेश मंत्री के पद पर डेविड कैमरन की नियुक्ति के पहले ही दिन उनसे मुलाकात की. दोनों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को लेकर चर्चा हुई.
जयशंकर ने कैमरन के साथ मुलाकात के बाद कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति, यूक्रेन युद्ध और इंडो पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.
अब इस मामले पर खुद डेविड कैमरन ने सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया है कि प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने उनसे विदेश मंत्री पद स्वीकार करने की पेशकश की थी, जिसे उन्होंने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया.
कैमरन ने कहा कि हम इस समय बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, जहां यूक्रेन युद्ध से लेकर मिडिल ईस्ट संकट सहित कई तरह की अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियां हैं. वैश्विक बदलाव के इस दौर में ब्रिटेन का हमारे सहयोगी देशों के साथ खड़े रहना, हमारी साझेदारी को मजबूत करना बहुत जरूरी है ताकि हमारी आवाज को सुना जा सके.
जयशंकर ने ब्रिटेन के नए गृहमंत्री जेम्स क्लेवर्ली से भी मुलाकात की.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल के बाजार में उथल-पुथल मची है. ट्रंप की मुश्किल ये है कि कुछ महीने बाद नवंबर में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने हैं. जिसे देखते हुए ट्रंप की पार्टी के ही लोग इकॉनमी पर उनसे ज्यादा ध्यान देने की मांग कर रहे हैं. तेल के दाम बढ़ने से अमेरिका में महंगाई भी धीरे धीरे बढ़ रही है. ऐसे में अगर ये युद्ध लंबा खिंचता है तो इससे ट्रंप की सियासी मुसीबत बढ़नी तय हैं. देखें वीडियो.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.







