
ब्राउन, ब्लैक, व्हाइट या रेड राइस, जानें इनमें सेहत के लिए कौन सा है सबसे फायदेमंद
AajTak
आमतौर पर हर भारतीय घर में सफेद चावल खाया जाता है. यह खाने में स्वादिष्ट और आसानी से पकने वाला होता है. लेकिन क्या आपको पता है कि सफेद चावल की जगह ब्लैक, ब्राउन और रेड राइस भी मौजूद हैं जिसके अलग-अलग फायदे हैं.
आमतौर पर हर भारतीय घर में सफेद चावल खाया जाता है. यह खाने में स्वादिष्ट और आसानी से पकने वाला होता है. लेकिन क्या आपको पता है कि सफेद चावल की जगह ब्लैक, ब्राउन और रेड राइस भी मौजूद हैं जिसके अलग फायदे हैं. सफेद चावल एक सिंपल कार्बोहाइड्रेट होता है जिसका अर्थ है कि आपका शरीर इसे अधिक आसानी से तोड़ सकता है और पोषक तत्वों और कार्बोहाइड्रेट को अधिक तेजी से अवशोषित कर सकता है क्योंकि इसमें चोकर की कमी होती है. जबकि ब्राउन राइस, ब्लैक राइस और रेड राइस सफेद चावल की तुलना में ज्यादा हेल्दी माने जाते हैं.
सफेद चावल के फायदे सफेद चावल ऊर्जा प्रदान करता है. आपका शरीर इसे अधिक आसानी से तोड़ सकता है और पोषक तत्वों और कार्बोहाइड्रेट को अधिक तेज़ी से अवशोषित कर सकता है क्योंकि इसमें चोकर कम होता है. साथ ही इसमें फाइबर और वसा की मात्रा भी होती है. इस वजह से सफेद चावल उन लोगों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है, जिन्हें तुरंत ऊर्जा स्रोत की आवश्यकता होती है, जैसे एथलीट या लंबे समय तक व्यायाम करने वाला कोई भी व्यक्ति.
ब्राउन राइस
एक कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट जो फाइबर, प्रोटीन और वसा से भरपूर होता है. इसे पचाना कुछ लोगों के लिए अधिक कठिन हो सकता है यदि उन्हें विशिष्ट पाचन समस्याएं हैं. पचाने में आसान सफेद चावल जलन को कम करने का एक शानदार तरीका है,लेकिन ब्राउन राइस थोड़ा धीमे काम करता है. अगर आप गंभीर दस्त जैसे लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो भी सफेद चावल मददगार हो सकता है, भले ही आपको पाचन संबंधी कोई ज्ञात समस्या न हो.
रेड राइस
सफेद चावल की तुलना में रेड राइस उतना कॉमन नहीं है. यह आमतौर पर महंगा होता है. इसके अतिरिक्त आमतौर पर स्थानीय दुकानों पर सफेद चावल ही उपलब्ध होता है. रेड राइस के विकल्प सीमित होते हैं. सफेद चावल आपके स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह से खराब नहीं हो सकता है. अगर आप इसे सीमित मात्रा में खाते हैं लेकिन रेड राइस हर स्थिति में आपको फायदे पहुंचाता है. पौष्टिक भोजन बनाने के लिए आप इस बाकी अनाज को अन्य पौष्टिक घटकों के साथ मिला सकते हैं. एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर रेड राइस में कई अहम एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद होते हैं जैसे सेलेनियम, विटामिन सी, और बीटा-कैरोटीन होते हैं.

10-12 साल के लड़के और अश्लील कमेंट...जॉगिंग के दौरान युवती के साथ छेड़छाड़, वीडियो शेयर कर उठाए सवाल
बेंगलुरु के पास अवलाहल्ली जंगल में सुबह जॉगिंग कर रही रितिका सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि 10 से 13 साल के कुछ लड़कों ने उनके पहनावे और शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणियां कीं. रितिका ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि शुरुआत में उन्होंने बच्चों को नजरअंदाज किया, लेकिन जब बात बढ़ी तो उन्होंने उनका सामना किया.

Aaj 21 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 जनवरी 2026, दिन- बुधवार, माघ मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 13.58 बजे तक फिर शतभिषा नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में, सूर्य- मकर में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.19 बजे से दोपहर 15.01 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.33 बजे से दोपहर 13.52 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

राजस्थान SOG ने OMR फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए RSSB के टेक्निकल हेड संजय माथुर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि 2018 की तीन भर्ती परीक्षाओं में OMR शीट और रिजल्ट से छेड़छाड़ कर अयोग्य उम्मीदवारों के अंक बढ़ाए गए. जांच में फोटोशॉप के जरिए हेरफेर, रिश्वतखोरी और आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है. मामले में IPC, आईटी एक्ट और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर जांच जारी है.

वीवो भारतीय बाजार में एक नया फोन लॉन्च करने वाला है. कंपनी Vivo X200T को लॉन्च करेगी, जो 50MP + 50MP + 50MP के ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आएगा. फोन को पावर देने के लिए 6,200mAh की बैटरी दी जा सकती है. इस फोन में MediaTek Dimensity 9400+ प्रोसेसर दिया जाएगा. आइए जानते हैं इस फोन की खास बातें और कब होगा लॉन्च.

Toll dues pending: नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए सरकार ने टोल से जुड़े नियम और सख्त कर दिए हैं. अब टोल का बकाया होने पर वाहन से जुड़े कई कामों को करने ही अनुमति नहीं मिलेगी. बिना टोल टैक्स का भुगतान (Toll Payment) के वाहन मालिकों को एनओसी, फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी.

हावर्ड के वर्चस्व को चीन से जबदस्त चुनौती मिल रही है. ये सिर्फ रैंकिंग का सवाल नहीं है, बड़ा प्रश्न ये है कि याने वाले समय में साइंस से जुड़े नियम कौन बनाएगा. क्योंकि चीन विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञता की मुहल लगाने वाले के तौर पर हार्वर्ड की जगह लेने के लिए खुद को तैयार कर रहा है. इन सबके बीच भारत के सामने के सामने क्या विकल्प हैं - या तो अपनी खुद की अनुसंधान शक्ति को विकसित करना या किसी एक पर आश्रित बने रहना.







