
ब्रजभूमि से मिथिला तक धूम, इस कारण खास है यहां की होली
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ब्रज की विधवा महिलाओं ने इस बार फूलों के साथ होली खेली. ये महिलाएं होली के रंग में साराबोर, नाचते हुए अपनी खुशी का इजहार कर रही हैं. यह पर्व इनकी जिंदगी का बेहद खास उत्सव है.
ब्रज की होली के अनेको रंग हैं. अपना सब कुछ छोड़ कर राधा और कृष्ण की भक्ति में लीन होकर ब्रज में निवास कर रहीं विधवा महिलाओं की जिंदगी में ब्रज के रंगों की ही रंगोली देखने को मिलती है. कहते हैं सब जग होरी, ब्रज में होरा. होली में करीब डेढ़ महीने तक ब्रज में उत्सव मनाया जाता है. मथुरा के राधाकुंड मैत्री विधवा आश्रम में रह रही विधवा महिलाओं ने होली खेली. यह वह महिलाएं हैं जो अपना परिवार छोड़कर यहां पर निवास करती हैं. ये सब यहां पर एक परिवार की ही तरह रहती हैं और अब इनका परिवार भी एक दूसरे के साथ ही है. ब्रज की विधवा महिलाओं ने इस बार फूलों के साथ होली खेली. होली के रंग में साराबोर, नाचते हुए अपनी खुशी का इजहार कर रही हैं. यह पर्व इनकी जिंदगी का बेहद खास पर्व है. इस खुशी में इनके साथ शामिल होने के लिए विधवा आश्रम से जुड़े लोग भी तैयारियों में जुटे रहते हैं.More Related News

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