
'बॉलीवुड में नहीं बन रही अच्छी फिल्में, ऑडियंस का सब्र हो रहा खत्म', क्यों बोले शाहिद कपूर?
AajTak
शाहिद कपूर ने सिनेमा में बदलते हुए ट्रेंड पर बात की है. एक्टर का कहना है कि बॉलीवुड उनती अच्छी फिल्में नहीं बना रहा, जिससे लोगों का ध्यान उनकी तरफ बढ़े. साथ ही इंडस्ट्री में मार्केटिंग ने भी एक अलग रूप ले लिया है, जो सिनेमा को बर्बाद कर रहा है.
बॉलीवुड इंडस्ट्री के बारे में पिछले काफी सालों से ऐसा कहा जा रहा है कि लोगों का मन अब उनकी फिल्मों से उठ चुका है. वो वही पुराने फ्लेवर वाली फिल्में नहीं देखना चाहते. उन्हें 'धुरंधर' जैसी एक हटके और मसाला फिल्म देखने में दिलचस्पी है. हाल ही में एक्टर शाहिद कपूर ने हिंदी सिनेमा में हो रहे इस अजीब बदलाव पर बात की.
बॉलीवुड इंडस्ट्री के बारे में क्या बोले शाहिद?
शाहिद कपूर जो इन दिनों अपनी फिल्म 'ओ रोमियो' को लेकर ट्रेंड कर रहे हैं, उन्होंने प्रखर गुप्ता के पॉडकास्ट में आज के दौर में सिनेमा में आए बदलाव पर बात की. उन्होंने कहा कि लोगों का ध्यान ज्यादा समय तक खींचकर रखना, अब एक टास्क बन चुका है. एक्टर ने साथ ही ये भी माना कि बॉलीवुड भी उतनी अच्छी फिल्में नहीं बना रहा, जिससे लोग थिएटर्स में पहुंचे.
शाहिद ने कहा, 'ऑडियंस का सब्र खत्म हो रहा है. उनका दिमाग अब फोकस नहीं कर पाता. उन्हें लगातार कुछ नया चाहिए, बीच-बीच में ब्रेक चाहिए, क्योंकि ये सब चीजें तुरंत मजा देने वाली होती हैं. क्रिएटर्स भी खुद के साथ यही कर रहे हैं. इसलिए जब वो बैठकर काम करने की कोशिश करते हैं, तो उनकी क्रिएटिविटी कम हो जाती है. बात ये नहीं है कि दर्शक फिल्में देखना नहीं चाहते. असली बात ये है कि हम उतनी अच्छी-अच्छी फिल्में बना ही नहीं रहे जितनी बनानी चाहिए. तो ये दोनों तरफ से हो रहा है. दर्शक और क्रिएटर्स, दोनों ही इसमें शामिल हैं.'
मार्केटिंग पर शाहिद की क्या है राय?
शाहिद ने आगे बताया, 'लोग समझते नहीं, पर ये जिंदगी का एक कमाल है. एक कमरे में सैकड़ों लोग तालियां बजा रहे हैं, सीटी बजा रहे हैं, तुम्हें देखकर मान रहे हैं, तुम्हें खुद से ऊपर का दर्जा दे रहे हैं. ये बहुत खूबसूरत चीज है. इसलिए कला इतनी खास होती है. लेकिन जब उनकी वो सच्चाई और मासूमियत टूटने लगती है, और उसमें कुछ बनावटी, नकली चीज घुस आती है तो फिर वो पहले जैसा अच्छा नहीं लगता.'













