
'बॉर्डर सुरक्षा में बाधा डाल रही ममता सरकार', बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी का TMC पर आरोप
AajTak
शुभेंदु अधिकारी की टिप्पणी राज्य में घुसपैठ और सीमा पार अपराधों के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच आई है, खासकर 2,216 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर. बीजेपी नेता ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार द्वारा बीएसएफ के लिए भूमि आवंटित करने से इनकार करने से आतंकवादी गतिविधियों और बांग्लादेश से घुसपैठ में वृद्धि हो रही है, जो सुरक्षा बलों के लिए एक प्रमुख मुद्दा रहा है.
वरिष्ठ बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ चौकियों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए जमीन सुरक्षित करने के प्रयासों में जानबूझकर बाधा डालने का आरोप लगाया. उन्होंने ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार का असहयोग घुसपैठ और सीमा पार अपराध को रोकने के लिए महत्वपूर्ण उपायों में बाधा डालकर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता कर रहा है, जबकि राज्य और राष्ट्र दोनों की सुरक्षा पर वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दे रहा है.
वहीं टीएमसी ने आरोपों को निराधार बताते हुए इनकार किया और अधिकारी पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का प्रयास करने का आरोप लगाया.
दरअसल, शुभेंदु अधिकारी की टिप्पणी राज्य में घुसपैठ और सीमा पार अपराधों के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच आई है, खासकर 2,216 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर. बीजेपी नेता ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार द्वारा बीएसएफ के लिए भूमि आवंटित करने से इनकार करने से आतंकवादी गतिविधियों और बांग्लादेश से घुसपैठ में वृद्धि हो रही है, जो सुरक्षा बलों के लिए एक प्रमुख मुद्दा रहा है.
'केंद्र सरकार सभी खर्च वहन करने को तैयार'
अधिकारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "पश्चिम बंगाल सरकार सीमा की सुरक्षा के लिए सीमा चौकियों (बीओपी) और बाड़ लगाने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में बाधा डाल रही है. जबकि केंद्र सरकार सभी खर्च वहन करने को तैयार है, राज्य सरकार जानबूझकर भूमि उपलब्ध नहीं करा रही है. यह सब टीएमसी के वोट बैंक को बनाए रखने के लिए एक विशेष समुदाय को खुश करने की दृष्टि से किया जा रहा है."
'बीएसएफ महत्वपूर्ण स्थानों पर नहीं बना पा रही चौकी'

धुरंधर पार्ट 2 की.. जो सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है और लगातार नये रिकॉर्ड बना रही है.. लेकिन इसके साथ ही इस फिल्म में एक नया विवाद शुरू हो गया है.. धुरंधर पार्ट 1 में पाकिस्तान की साजिशों का पर्दाफाश हुआ था.. धुरंधर 2 में कुछ ऐसा है कि देश के विपक्ष को ये फिल्म पसंद नहीं आ रही है.. आरोप लग रहा है कि सरकार का एजेंडा सेट करने के लिए ये फिल्म बनी है.. हकीकत क्या है.

खाड़ी देश में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, जिसका सीधा असर तेल और गैस पर पड़ रहा है जिसकी चपेट में पूरी दुनिया आ रही है. इस बीच अमेरिका और इजरायल के हमले का जवाब देने के लिए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपना एक खास हथियार बना लिया है. इस समुद्री गलियारे पर नियंत्रण के जरिए ईरान ने दुनिया के व्यापार को प्रभावित किया है और अब ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलना शूरू कर दिया है. जिसने दुनिया भर के देशों की टेंशन बढ़ा दी है.

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध का आज 21वां दिन है, और दोनों ओर के लगातार हमलों के बीच जिस सवाल का जवाब दुनिया जानना चाहती है. वो ये है कि इस युद्ध का धुरंधर कौन है? ईरान के सरेंडर की ख्वाहिश पाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की ओर से कई सरप्राइज मिले हैं. चाहे, वो खाड़ी देशों के अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले हों, चाहे इजरायल और खाड़ी देशों के तेल-गैस के ठिकानों पर ईरान का पलटवार हो या अमेरिका के F-35 जैसे अत्याधुनिक विमानों को गंवाने से अमेरिका के लिए बढ़ रही युद्ध की कीमत हो.

राजधानी दिल्ली में मौसम का मिजाज बीते दो-तीन दिनों से बदला हुआ है और आज सुबह भी राजधानी दिल्ली में बारिश रुक-रुक कर हो रही है...सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं...ये बदलाव ऐसे समय पर आया है जब कुछ दिनों से गर्मी बढ़ने लगी थी और गर्मियों का मौसम आने वाला था..लेकिन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से मौसम में हुए बदलाव ने नजारा बिल्कुल बदल दिया है

महाराष्ट्र में कथित काले जादू को लेकर विवाद बढ़ गया है. रोहित पवार ने अजित पवार के आवास के पास हुए कथित अनुष्ठानों की जांच मांगी. अमोल मिटकरी ने भी मामला उठाया और इसे नासिक के ज्योतिषी अशोककुमार खारत से जोड़ा. 28 जनवरी के विमान हादसे के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है. खारत दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार है.

जम्मू-कश्मीर में मौसम ने करवट बदल ली है और पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी हो रही है. कश्मीर घाटी में जहां सैलानी बर्फबारी का लुत्फ उठा रहे हैं वहीं स्थानीय लोगों के लिए ठंड बढ़ने की वजह से कई दिक्कतें शुरू हो गई है. जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी का असर उत्तर भारत के मौसम पर भी पड़ा है और मैदानी हिस्सों में भी बारिश के बाद तापमान नीचे गिर गया है.







