
'बीजेपी से अलग हो जाओ, वरना बम से उड़ा देंगे', CM नीतीश को धमकाने वाला गिरफ्तार, DGP को भेजा था मैसेज
AajTak
आरोपी ने 30 जनवरी को बिहार के पुलिस महानिदेशक एस भट्टी को व्हाट्सएप मैसेज और ऑडियो क्लिप भेजा था. उसने डीजीपी को भेजे मैसेज और ऑडियो क्लिप में सीएम नीतीश कुमार को बीजेपी से अलग नहीं होने पर दूसरे विधायकों के साथ बम से उड़ाने की धमकी दी थी.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को कर्नाटक से गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी को बीती रात पटना लाया गया और उससे पूछताछ हो रही है. बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पाला बदलने के बाद आरोपी ने 30 जनवरी को बिहार के पुलिस महानिदेशक आरएस भट्टी को व्हाट्सएप मैसेज और ऑडियो क्लिप भेजा था. उसने डीजीपी को भेजे मैसेज और ऑडियो क्लिप में सीएम नीतीश कुमार को बीजेपी से अलग नहीं होने पर दूसरे विधायकों के साथ बम से उड़ाने की धमकी दी थी. राज्य के इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट ने मामले का संज्ञान लिया था.
डीजीपी को मैसेज भेजकर सीएम नीतीश कुमार को धमकी देने वाले ने कहा था, 'मुख्यमंत्री को कहिए बीजेपी से हट जाएं नहीं तो बम से उड़ा देंगे. उनके विधायक को भी मारेंगे, जैसा यूपी में हुआ था'. आर्थिक अपराध इकाई (Economic Offenses Unit) ने जांच के बाद कर्नाटक में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ चल रही है. EOU आरोपी को लेकर कल देर रात पटना आ गई.
डीजीपी को जिस मोबाइल नंबर (8431233508) से मैसेज आया था, उसकी जांच की गई तो लोकेशन कर्नाटक के देवनगिरि जिले में मिला. ईओयू की टीम आरोपी का पता लगाने देवनगिरि पहुंची. धमकी देने वाले आरोपी का नाम सोनू है, जिसे ईओयू ने कर्नाटक पुलिस की मदद से देवनगिरि से पकड़ा. आरोपी यहां बीएनएम हाईटेक एग्रो इंडस्ट्रीज राइस मिल में बोरा सिलाई का काम करता है.
पूछताछ में उसने कहा कि बिहार में बढ़ती बेरोजगारी और गरीबी के लिए वहां की सरकार जिम्मेदार है. उसका परिवार हसनपुर (समस्तीपुर) के दयानगर में रहता है. सोनू ने बताया कि इतने सारे क्लिप भेजने के बाद भी बिहार में कोई हलचल नहीं हुई तो वह सारे क्लिप किसी मीडिया को देने वाला था, लेकिन उससे पहले ही पकड़ा गया.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?

दिल्ली सरकार के बजट को लेकर मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बड़े आवंटन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि इस बार बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जो 19,000 करोड़ से ज्यादा है. इसके तहत स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और ICT लैब्स के विकास के लिए भी करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है. हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि ये आंकड़े केजरीवाल गवर्नेंस मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं और इससे कई सवाल खड़े होते हैं.

रैसी जिले के महोर क्षेत्र में रामाकुंडा मोड़ के पास एक प्राइवेट कार सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई. हादसे में हकनवाज (22), उनकी बहन शहरीजा राहि (18) और उनके चचेरे भाई रफ़ाकत हुसैन (15) की मौत हो गई. पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका महोर अस्पताल में इलाज चल रहा है. ड्राइवर ने अंधे मोड़ पर नियंत्रण खो दिया था.

Harish Rana Dies: हरीश राणा को मिल गई 'इच्छामृत्यु', एम्स में 10 दिन भर्ती रहने के बाद ली आखिरी सांस
Harish Rana News: भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हरीश राणा का AIIMS में निधन हो गया. वे साल 2013 से कोमा में थे. सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिसके बाद अस्पताल में उनके लाइफ सपोर्ट को स्टेप वाइज हटाया गया. डॉक्टर सीमा मिश्रा की अगुवाई में विशेषज्ञ टीम ने पूरी प्रक्रिया पूरी की.

अहमदाबाद के लालदरवाजा इलाके में SDPI (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस की मंजूरी नहीं होने के कारण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया. इस दौरान SDPI कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्का टकराव भी देखने को मिला. SDPI नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा में बहुमत के बल पर UCC बिल को मनमाने तरीके से पारित किया है और इसे मुस्लिम विरोधी बताया. मौके पर सुरक्षा बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया.







