
बिहार में अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी, 'आजतक' के कैमरे में कैद हुए माफियाओं के ठिकाने
AajTak
बिहार में जहरीली शराब का कहर थम नहीं रहा है. छपरा जिले में जहरीली शराब के चलते हुई मौतों का आंकड़ा अब 70-80 से ज्यादा हो गया है. छपरा के अलावा सारण, सीवान और बेगूसराय में भी लोगों की जान गई है. वहीं, सोमवार को उत्पाद विभाग की टीम ने बलवा दियारा में लाइव छापेमारी की. इस दौरान 'आजतक' की टीम भी मौजूद रही.
बिहार के छपरा में सोमवार को उत्पाद विभाग की टीम बलवा दियारा में लाइव छापेमारी की. इस दौरान 'आजतक' की टीम भी मौजूद रही. 'आजतक' की टीम छपरा के डोरीगंज इलाके में उत्पाद विभाग की टीम के साथ लाइव छापेमारी पर निकली. फिर गंगा में आधे घंटे तक स्पीड बोट पर सवार होकर बलुआ दियारा इलाके पहुंची.
छापेमारी में ड्रोन कैमरे की ली गई मदद
यहां पहुंचने के बाद 'आजतक' की टीम उत्पाद विभाग की टीम के साथ पांच किलोमीटर तक पैदल चली. फिर उन ठिकानों पर पहुंची, जहां शराब माफिया एक्टिव हैं और यहां से अपने अवैध कारोबार को बढ़ावा देते हैं. उत्पाद विभाग की टीम को ड्रोन कैमरे की मदद से पता चला कि कौन-कौन से इलाके में अवैध शराब का कारोबार चलाया जा रहा है.
यहां देखें वीडियो...
ड्रम और तालाब में मिली कच्ची शराब
पांच घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान 5 अवैध शराब निर्माण करने के ठिकानों को ध्वस्त किया गया. छापेमारी की टीम ने भारी मात्रा में कच्ची शराब बरामद की. इसको जमीन के अंदर बड़े-बड़े ड्रम में छिपाकर रखा गया था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








