
बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बन रहा पुल गिरा, 1700 करोड़ की लागत से हो रहा था तैयार, VIDEO
AajTak
बिहार के भागलपुर में रविवार को बड़ा हादसा हो गया. यहां खगड़िया- अगुवानी- सुल्तानगंज के बीच गंगा नदी पर बन रहा पुल भरभराकर गिर गया. इस हादसे का खौफनाक वीडियो सामने आया है. पुल का शिलान्यास 4 साल पहले सीएम नीतीश कुमार ने किया था. 1717 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल का एक हिस्सा दो साल पहले भी गिरा था.
बिहार के भागलपुर में रविवार को निर्माणाधीन पुल भरभराकर गिर गया. इस हादसे का खौफनाक वीडियो सामने आया है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन पुल गिरने से मौके पर अफरातफरी मच गई.
खगड़िया -अगुवानी- सुल्तानगंज के बीच बन रहे पुल के टूटने का वीडियो सामने आया है. देखते ही देखते पूरा पुल गंगा नदी में समा गया. हैरानी की बात ये है कि 2 साल पहले भी इस पुल का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया था. 4 साल पहले सीएम नीतीश कुमार ने इस पुल का शिलान्यास किया था.
बताया जा रहा है कि ये पुल 1717 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा था. इस निर्माणाधीन पुल के कुछ हिस्से को अप्रैल में आंधी के कारण भी नुकसान पहुंचा था. खगड़िया -अगुवानी- सुल्तानगंज के बीच गंगा नदी पर बन रहा महासेतु का बीच का हिस्सा ध्वस्त हो गया. पुल का उपरी भाग नदी में समा गया है.
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि निर्माणाधीन पुल का सुपर स्ट्रक्चर गिरा है. हालांकि अभी तक पुल गिरने की वजह साफ नहीं हो पाई है. बताया जा रहा है कि पुल के तीन पाए के ऊपर बना स्ट्रक्चर भरभराकर गिर गया. भागलपुर के सुल्तानगंज में बन रहा यह सेतु खगड़िया और भागलपुर को आपस में जोड़ेगा.
JDU विधायक बोले- दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
जेडीयू के विधायक ललित मंडल ने कहा कि ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. हम लोग उम्मीद लगा रहे थे कि इस साल नवंबर-दिसंबर में इस पुल का उद्घाटन हो जाएगा, लेकिन इस तरह के हादसे हो रहे हैं ये जांच का विषय है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जबतक इसकी इन्क्वारी नहीं हो जाती, तब तक कुछ भी कहना मुश्किल है.

दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक दुखद और गंभीर खबर आई है जहां एक 11 साल के बच्चे की हत्या हुई है. बच्चे की आंख और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं. जानकारी के अनुसार, पिता ने ही अपने पुत्र की हत्या की है और उसने घटना के बाद एक वीडियो बनाकर अपने परिवार को भेजा. इस घटना के बाद आरोपी फरार है और इस मामले की जांच जारी है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के PRO ने दावा करते हुए कहा कि प्रयागराज प्रशासन के बड़े अधिकारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सम्मान पूर्वक दोबारा स्नान कराने की कोशिश की है. जिसके बाद स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद की तरफ से प्रशासन के लिखित में माफी मांगने, मारपीट करने वालो पर कार्रवाई और चारों शंकराचार्य के स्नान की मांग की गई.

दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ आंदोलन तेज़ी से जारी है. 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं. यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ किया जा रहा है. मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को रोजगार देने वाली इस योजना में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है.

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते ने क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है. इस ऐतिहासिक डील से पाकिस्तान को निर्यात के क्षेत्र में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस डील से पैदा हुए संभावित नकारात्मक प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों से संपर्क किया है. यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा.

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मियां मुसलमानों को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज्य के मियां मुसलमानों को परेशान करना हो तो वह रात दो बजे तक जाकर भी परेशान कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मियां मुसलमानों को पांच रुपए देने की बजाय चार रुपए देने की बात कह कर विवादों को जन्म दिया है. इसपर पर अब विपक्ष हमलावर है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.






