
बाड़मेर में त्रिकोणीय मुकाबला, BJP के लिए चुनौती बने रविंद्र भाटी... कल PM मोदी की रैली से बदलेगा समीकरण?
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आहोर के पूर्व विधायक और बीजेपी नेता शंकरसिंह राजपुरोहित ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर देश भर में उत्साह है तो बाड़मेर में होगा ही. लोग प्रधानमंत्री मोदी को सुनने और देखने के लिए उत्सुक है. राजपुरोहित ने कहा कि लोगों के आने-जाने से लेकर बैठने की संपूर्ण व्यवस्था की गई है.
राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 42 डिग्री पहुंच चुका है. इसी बीच चुनावी सरगर्मियां भी लगातार बढ़ रही है. 12 अप्रैल यानी कल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्री और बाड़मेर -जैसलमेर लोकसभा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी कैलाश चौधरी के लिए बड़ी चुनावी सभा को संबोधित करने बाड़मेर आ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से एक दिन पहले जहां पुलिस और प्रशासन ने चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की है तो दूसरी तरफ बीजेपी ने इस सभा में करीब एक लाख लोगों के बैठने का इंतजाम किया है. बीजेपी नेताओं का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए 1 लाख से अधिक लोग इस चुनावी सभा में आयेंगे.
50 हजार कुर्सियां लगाई गईं आहोर के पूर्व विधायक और बीजेपी नेता शंकरसिंह राजपुरोहित ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर देश भर में उत्साह है तो बाड़मेर में होगा ही. लोग प्रधानमंत्री मोदी को सुनने और देखने के लिए उत्सुक है. राजपुरोहित ने कहा कि लोगों के आने-जाने से लेकर बैठने की संपूर्ण व्यवस्था की गई है. बीजेपी नेता ने दावा किया कि लोगों के बैठने के लिए 50 हजार कुर्सियां लगाई गई हैं. वहीं अंदर भी अन्य 50 हजार लोगों के लिए व्यवस्था की गई है. बीजेपी नेता ने दावा किया कि पीएम की इस सभा में 1 लाख से अधिक लोग आएंगे.
त्रिकोणीय मुकाबला, बीजेपी के लिए भाटी बने हैं चुनौती बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट 2024 के चुनावों में इसलिए भी चर्चित हैं क्योंकि यहां 26 साल के निर्दलीय विधायक रविंद्रसिंह भाटी भी निर्दलीय ताल ठोक चुके है. भाटी की चुनावी रैली में उमड़ रही भीड़ से भाटी ने सीधे तौर पर बीजेपी को चुनौती दे डाली है. बीजेपी ने इस सीट पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी तो कांग्रेस ने आरएलपी से आए उम्मेदाराम बेनीवाल को चुनावी रण में उतारा है. ऐसे में बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा का चुनाव इस बार बड़ा रोचक और त्रिकोणीय हो गया है.
कांग्रेस जहां भाटी के निर्दलीय चुनाव लड़ने को अपना फायदा समझ रही है तो दूसरी तरफ बीजेपी ने भाटी को रोकने के बड़ी प्लानिंग कर रखी है. बीजेपी चाहती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से मूल ओबीसी और बीजेपी के मूल वोटबैंक को साधा जा सके, ताकि बीजेपी का मूल वोटबैंक भाटी के साथ न चला जाए. अब कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के बाद ही कुछ स्थितियां साफ हो पाएगी.

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