
'बांग्लादेश सभी धर्मों का...', बोले दो दशक बाद स्वदेश लौटे तारिक रहमान, ढाका में उमड़ा समर्थकों का जनसैलाब
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बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान, लगभग दो दशक के निर्वासन के बाद देश लौटे और ढाका में विशाल रैली को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मेरे पास एक योजना है. साथ ही लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, और सभी धर्मों तथा समुदायों के लिए सहिष्णुता का संदेश दिया.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान, जो पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं, गुरुवार को करीब दो दशकों के निर्वासन के बाद देश लौटे और राजधानी ढाका में एक विशाल रैली को संबोधित किया. हजारों समर्थकों से घिरे इस आयोजन में रहमान ने बांग्लादेश के लिए अपना विजन पेश किया और मार्टिन लूथर किंग जूनियर के प्रसिद्ध शब्दों “आई हैव ए ड्रीम” को याद करते हुए कहा, "मेरे पास एक योजना है".
ढाका के 300 फीट इलाके में अपने भाषण की शुरुआत "प्रिय बांग्लादेश" कहकर की, रहमान ने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और जनता का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि अगर जनता उनका समर्थन करेगी, तो उनकी योजना सफलता पा सकती है और सभी वर्गों के लोगों को राष्ट्र के पुनर्निर्माण में भाग लेने का आग्रह किया.
रहमान ने बांग्लादेश के 1971 के मुक्ति संग्राम, उसके बाद के आंदोलन और साल 2024 में व्यापक विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 1971 और 2024 में शहीद हुए लोगों का सम्मान तभी संभव है जब देश उनकी कल्पना के अनुसार विकसित हो. उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता अब अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली चाहती है.
उन्होंने देश की बहुलता और विविधता के प्रति सहिष्णुता और समावेशन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “यह भूमि मुसलमानों, हिंदुओं, बौद्धों और ईसाइयों की है. हमें एक ऐसा सुरक्षित बांग्लादेश बनाना है जहां हर महिला, पुरुष और बच्चा सुरक्षित घर छोड़कर सुरक्षित लौट सके.”
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स्थिरता और शांति पर जोर देते हुए, रहमान ने कहा कि बीएनपी देश में शांति, अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्य बहाल करने के लिए काम करेगी. उन्होंने आर्थिक विकास के साथ-साथ राजनीतिक सुधार की भी आवश्यकता जताई. रहमान ने ओसमान हादी को श्रद्धांजलि दी, जो एक स्वतंत्रता सेनानी थे और लोकतांत्रिक बांग्लादेश के सपने देखते थे.

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