
बांग्लादेश: रेलिंग तोड़कर खाई में गिरने वाली बस का फट गया था टायर, 19 से ज्यादा लोगों की मौत
AajTak
हादसा बांग्लादेश की राजधानी ढाका से 80 किलोमीटर दूर शिबचर उप जिले में हुई है. यहां के पुलिस अधिकारी अनवर हुसैन ने एजेंसी को बताया कि यहां एक्सप्रेसवे में एक तेज सफ्तार बस अचानक पुलिस की रेलिंग से टकरा गई और टकराने के बाद रेलिंग तोड़ते हुए नीचे खाई में गिर गई.
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक भीषण हादसा हुआ. इसमें 19 लोगों की मौत हो गई तो वहीं कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं. हादसे की भयावहता को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है.
पुलिस के मुताबिक हादसा बांग्लादेश की राजधानी ढाका से 80 किलोमीटर दूर शिबचर उप जिले में हुई है. यहां के पुलिस अधिकारी अनवर हुसैन ने एजेंसी को बताया कि यहां एक्सप्रेसवे में एक तेज सफ्तार बस अचानक पुलिस की रेलिंग से टकरा गई और टकराने के बाद रेलिंग तोड़ते हुए नीचे खाई में गिर गई.
अनवर हुसैन ने बताया कि बस में 40 से ज्यादा यात्री सवार थे. हादसे के समय बस पद्मा नदी पर नवनिर्मित पुल से गुजर रही थी. जिस खाई में बस गिरी उसकी गहराई 30 फीट के आसपास बताई जा रही है. शुरुआती जांच में बस का टायर अचानक से फटने की बात सामने आ रही है.
पुलिस के मुताबिक अचानक बस का टायर फटने के बाद चालक का बैलेंस बिगड़ गया और बस रेलिंग को तोड़ते हुए सीधे खाई में समा गई. बता दें कि बांग्लादेश में सड़क दुर्घटनाएं बेहद आम हैं. इसके लिए अक्सर लापरवाह ड्राइविंग, पुराने वाहनों और खराब सुरक्षा नियमों को जिम्मेदार ठहराया जाता है. यहां हर साल हजारों लोग हादसों की वजह से मारे जाते हैं.
बता दें कि बांग्लादेश में 2018 में सड़क हादसे के दौरान 2 किशोरों की मौत हो गई थी. इस हादसे के बाद पूरे देश में बड़े पैमाने पर छात्र सड़कों पर उतर आए थे. इसके बाद दबाव में आकर प्रधान मंत्री शेख हसीना की सरकार को रैश ड्राइविंग से मौत का कारण बनने के लिए अधिकतम जेल की अवधि तीन से बढ़ाकर पांच साल करने के लिए मजबूर होना पड़ा था.

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव के खिलाफ डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास तक मार्च भी शामिल रहा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव बढ़ाते हुए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है.








