
बांग्लादेश: छात्रों पर हमले को लेकर यूनुस की सरकार सख्त, हमलावरों को पकड़ने के लिए लॉन्च किया 'ऑपरेशन डेविल हंट'
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बांग्लादेश में अस्थायी सरकार ने गाजीपुर में छात्रों पर हमले के बाद 'ऑपरेशन डेविल हंट' शुरू किया है. छात्र संगठन ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. सेना और पुलिस की मदद से यह ऑपरेशन देशव्यापी किया जाएगा. अस्थिरता के बीच, राजनीतिक पार्टियों ने कानून व्यवस्था सुधारने की मांग की है.
बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की सरकार ने शनिवार को 'ऑपरेशन डेविल हंट' लॉन्च किया है. दरअसल, छात्र संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के दोषियों को पकड़ने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. इन हमलों की खबर तब सामने आई जब ढाका के बाहरी इलाके में एक अवामी लीग नेता के घर पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया था, लेकिन उनके समर्थकों ने उसका बचाव किया था.
आरोप है कि एंटी-डिस्क्रिमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट के नेता पूर्व मंत्री के घर लूट को रोकने के लिए गए थे, लेकिन उन्हें बदमाशों ने निशाना बनाया. मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस की सरकार ने गाजीपुर में एक छात्र संगठन के प्रदर्शन के दौरान सेना को बुलाया, जहां उनके कार्यकर्ताओं पर शुक्रवार को हमला हुआ था.
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बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने बताया कि यह ऑपरेशन गाजीपुर में शुरू हुआ और इसे सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाया जाएगा. रविवार को सेना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के इस संगठित सुरक्षा अभियान का ऐलान किया है.
कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ था, कई घायल हुए थे!
मीडिया रिपोर्टों और गवाहों के मुताबिक, पड़ोस के लोग और अवामी लीग कार्यकर्ताओं ने गाजीपुर स्थित पूर्व मुक्ति संग्राम मंत्री एकेएम मोजाम्मेल हक के घर पर हुए हमले के दौरान कार्यकर्ताओं पर हमला किया था, जिससे कई घायल हो गए थे. छात्रों के मंच के नेताओं का दावा है कि उनके कार्यकर्ता लूट को रोकने के लिए हक के घर गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने जब उन पर हमला किया, तब पुलिस ने उनकी मदद नहीं की.

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