
बड़े नेताओं की नहीं मिल पा रही 'डेट्स', नीतीश के महाजुटान का टलता जा रहा मुहूर्त!
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2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है. बीजेपी अपने पुराने सहयोगियों को साथ लेने की तैयारी में है तो विपक्षी भी एकजुट होने की कवायद में है, लेकिन विपक्षी दलों के प्रमुखों की तारीख न मिलने के चलते विपक्षी नेताओं की बैठक टलती जा रही है.
लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने की रणनीति पर चर्चा के लिए पटना में 12 जून को होने वाली विपक्ष दलों की बैठक पर ग्रहण लग गया है. कांग्रेस और डीएमके के अनुरोध पर यह बैठक स्थगित की गई है.राहुल गांधी अभी विदेश यात्रा पर हैं जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपने-अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के चलते 12 जून की बैठक में शरीक होने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं. इस तरह से विपक्षी दलों के मुखियाओं की 'डेट्स' नहीं मिलने के चलते नीतीश की महाजुटान का मुहूर्त एक बार फिर टल गया है.
तीसरी बार विपक्षी एकता की बैठक टली
विपक्षी एकता की बैठक तीसरी बार टली है. पहली बैठक 19 मई को होनी थी, लेकिन कर्नाटक विधानसभा चुनाव और वहां पर कांग्रेस सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के चलते विपक्षी दलों की बैठक टाल दी गई. इसके बाद मई के आखिरी सप्ताह में बैठक होनी थी, लेकिन वो भी नहीं हो पाई. नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ मुलाकात के बाद 12 जून को पटना में बैठक की रूप रेखा बनी थी. 12 तारीख को लेकर सभी विपक्षी दलों ने सहमति भी जता दी थी, लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एमके स्टालिन उस तारीख को पटना आने में असमर्थ थे.
#WATCH | Opposition meeting to be held on June 12 has been postponed. Heads of all political parties were supposed to come to the meeting, it's not right if any other representative will come. So we've asked Congress party that the head of the party should come. New date of the… pic.twitter.com/Tg5kh63Isj
तमिलनाडू सरकार डीएमके के संस्थापक एम करुणानिधि की शतवार्षिकी पर साल भर के लिए समारोह का आयोजन कर रही है. 12 जून को इसी से संबंधित एक बड़े समारोह में स्टालिन को अपने राज्य में ही रहना है. राहुल गांधी के अमेरिका में होने के चलते कांग्रेस की ओर उनके के बदले कोई राष्ट्रीय महासचिव शामिल होने का अग्रह किया गया था, जिसको नीतीश कुमार ने स्वीकार नहीं किया और बैठक को स्थागित कर आगे बढ़ा दिया है.

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