
बंगाल: पुलिस इजाजत नहीं मिली, फिर भी बीजेपी ने संपन्न की गंगा आरती
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बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा है कि हमे बताया गया कि जी20 की वजह से गंगा आरती करने की इजाजत नहीं दी गई. यहां पीएम लगातार जी20 की बात करते हैं और पुलिस कहती है कि ये इसी आयोजन की वजह से आरती नहीं कर सकते. बिना गंगा के जी20 के क्या मायने हैं.
पश्चिम बंगाल में गंगा आरती को लेकर बीजेपी और टीएमसी के बीच में सियासी जंग शुरू हो गई है. बीजेपी को मंगलवार को काजा बदमताला घाट पर गंगा आरती करनी थी. ये वहीं जगह है जहां पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंगासागर मेले का औपचारिक उद्घाटन किया है. अब इसी वजह से बंगाल पुलिस ने बीजेपी को यहां पर गंगा आरती करने की परमीशन नहीं दी. इस बात से बीजेपी खासा नाराज हुई और जमीन पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. लेकिन अब पार्टी ने एक दूसरी घाट पर गंगा आरती का आयोजन कर लिया है.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा है कि हमे बताया गया कि जी20 की वजह से गंगा आरती करने की इजाजत नहीं दी गई. यहां पीएम लगातार जी20 की बात करते हैं और पुलिस कहती है कि ये इसी आयोजन की वजह से आरती नहीं कर सकते. बिना गंगा के जी20 के क्या मायने हैं. ये पूरा का पूरा ममता बनर्जी का एजेंडा है. अब बताया जा रहा है कि बीजेपी ने बिना परमीशन गंगा आरती तो कर ली, लेकिन जमीन पर पुलिस के साथ कार्यकर्ताओं का संघर्ष हुआ है. इस वजह से भी ये विवाद और ज्यादा बढ़ा बन गया है.
अब इससे पहले बंगाल की राजनीति में बीजेपी ने दुर्गा पूजा को एक बड़ा मुद्दा बनाया था. पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इसी दुर्गा पूजा वाले मुद्दे के जरिए ममता सरकार को हिंदू विरोधी बताने का काम किया था. यहां तक कहा गया था कि सीएम ममता तुष्टीकरण वाली राजनीति करती हैं. अब उस समय तो उन मुद्दों का जमीन पर ज्याद असर नहीं हुआ, लेकिन एक बार फिर उन्हीं मुद्दों के जरिए राज्य की राजनीति में सक्रिय होने की कोशिश है.

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